उत्तर प्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 6 अक्टूबर 2026 के अपडेट के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 9 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली और झोंकेदार हवा जैसी मौसमी गतिविधियों की चेतावनी जारी की गई है। 10 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी यूपी के लिए कोई चेतावनी नहीं है।
धान की तैयार फसल पर रखें नजर
जिन क्षेत्रों में धान पकने की अवस्था में है, वहां किसान मौसम को देखते हुए कटाई की योजना बनाएं। तेज हवा या बारिश होने पर खड़ी फसल गिरने और कटाई के बाद खुले में रखे धान में नमी बढ़ने का जोखिम हो सकता है।
कटी उपज को सुरक्षित रखें
अगर धान, मक्का या दूसरी फसल कट चुकी है तो उसे खुले खेत में लंबे समय तक न छोड़ें। तिरपाल और सूखे, ऊंचे स्थान की व्यवस्था रखें। अचानक बारिश होने पर उपज को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाना बेहतर रहेगा।
सब्जी किसानों के लिए जरूरी सावधानी
फूलगोभी, टमाटर, मिर्च और अन्य सब्जियों में पानी रुकने से बचाने के लिए खेत की जलनिकास व्यवस्था जांच लें। जरूरत के अनुसार नालियों की सफाई कर लें।
छिड़काव और सिंचाई में सावधानी
तेज हवा या बारिश की संभावना के दौरान अनावश्यक कीटनाशक छिड़काव न करें। कृषि रसायनों का इस्तेमाल हमेशा उत्पाद के लेबल और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करें।
किसान क्या करें?
किसान अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान देखते रहें। गरज-चमक और बिजली के दौरान खुले खेत में काम करने से बचें। मौसम का असर हर जिले और फसल की अवस्था में अलग हो सकता है, इसलिए स्थानीय कृषि मौसम सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर है। उत्तर प्रदेश में मौसम संबंधी चेतावनियां किसानों तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तर पर भी मौसम निगरानी व्यवस्था उपलब्ध है।



