उत्तर प्रदेश में डेयरी फार्मिंग शुरू करने वाले पशुपालकों के लिए नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित योजनाएं उपयोगी अवसर दे रही हैं। खासतौर पर स्वदेशी उन्नत नस्ल की गाय खरीदने वालों को निर्धारित नियमों के अनुसार अनुदान मिल सकता है।
🐄 2 गायों पर ₹80 हजार तक सहायता
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना में गिर, साहीवाल, हरियाणा और थारपारकर नस्ल की 2 गायों की इकाई के लिए परियोजना लागत ₹2 लाख निर्धारित है। इसका अधिकतम 40% यानी ₹80,000 तक अनुदान देय है। गाय प्रथम या द्वितीय ब्यांत की होनी चाहिए और एक पशुपालक को एक ही 2-गाय इकाई का लाभ दिया जाता है। योजना में निर्धारित लक्ष्य का 50% महिला दुग्ध उत्पादकों/गौपालकों के लिए रखा गया है।
🏠 10 गायों की यूनिट पर बड़ा अनुदान
मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में 10 गायों की इकाई की परियोजना लागत ₹23.60 लाख है। योजना के तहत 50%, अधिकतम ₹11.80 लाख तक अनुदान का प्रावधान है। इसमें साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायें शामिल हैं।
📌 किसान आवेदन से पहले क्या देखें?
पशु खरीदने से पहले शेड, चारा, पानी, पशु चिकित्सा सुविधा और दूध बेचने का बाजार सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना में ऑनलाइन आवेदन, चयन के लिए ई-लॉटरी, ईयर टैगिंग और पशु बीमा जैसी शर्तें भी हैं। चयन के बाद निर्धारित समय में गाय खरीदने और प्रक्रिया पूरी करने पर अनुदान DBT के माध्यम से बैंक खाते में दिया जाता है।
नोट: योजना की पात्रता, लक्ष्य और आवेदन की तारीखें समय-समय पर बदल सकती हैं। आवेदन से पहले नन्द बाबा दुग्ध मिशन की नवीनतम विज्ञप्ति जरूर देखें।



