सितंबर में खरीफ फसलों के बीच जिन किसानों के पास खाली क्यारियां या अतिरिक्त जमीन है, वे पालक और मेथी जैसी हरी सब्जियों की खेती पर विचार कर सकते हैं। ये सब्जियां ताजा रूप में स्थानीय बाजार और घरों में खूब उपयोग की जाती हैं।

🌱 खेती शुरू करने से पहले
खेत की मिट्टी भुरभुरी और समतल रखें।
जलभराव से बचने के लिए अच्छी जल निकासी जरूरी है।
बारिश के बाद मिट्टी में पर्याप्त नमी हो तो अनावश्यक सिंचाई न करें।
अच्छी गुणवत्ता वाले बीज चुनें और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार बीज दर रखें।
👨🌾 किसान के लिए जरूरी बातें
पालक और मेथी की शुरुआती बढ़वार में खरपतवार नियंत्रण और नियमित निगरानी महत्वपूर्ण है। पत्तियों पर कीट या बीमारी के लक्षण दिखें तो पहले समस्या की सही पहचान करें। बिना सलाह के कीटनाशक का प्रयोग न करें।
स्मार्ट तरीका: पूरे खेत में एक साथ बुवाई करने के बजाय छोटे हिस्सों में चरणबद्ध बुवाई करने से अलग-अलग समय पर ताजी उपज उपलब्ध कराने का विकल्प मिल सकता है।
🥬 उपभोक्ताओं के लिए उपयोगिता
पालक और मेथी रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाली हरी पत्तेदार सब्जियां हैं। इन्हें दाल, सब्जी, पराठे और अन्य व्यंजनों में शामिल किया जाता है।
किसानों के लिए मंत्र: कम क्षेत्र से शुरुआत करें, स्थानीय मांग समझें और उत्पादन को बाजार की जरूरत के अनुसार व्यवस्थित करें।



