धान की फसल में अधिक नमी, खेत में लगातार पानी, घनी फसल और पोषक तत्वों के असंतुलन के कारण कई fungal diseases का खतरा बढ़ सकता है। इनमें Rice Blast, Sheath Blight और Brown Spot प्रमुख रोग हैं। समय पर पहचान और उचित प्रबंधन से फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
धान में फंगस की पहचान कैसे करें?
Blast में पत्तियों पर धब्बे दिखाई दे सकते हैं, जबकि Sheath Blight में पत्ती की निचली सतह और तने के आसपास पानी जैसे या भूरे-धूसर धब्बे दिखाई दे सकते हैं। Brown Spot में पत्तियों पर भूरे रंग के गोल या अंडाकार धब्बे बनते हैं।
फंगस और सड़न से बचाव के उपाय
*खेत में जरूरत से ज्यादा नमी या पानी जमा न रहने दें और उचित जल निकास रखें।
*बहुत घनी बुवाई या रोपाई से बचें, ताकि फसल में हवा का संचार बना रहे।
*नाइट्रोजन उर्वरक का उपयोग मृदा परीक्षण और अनुशंसित मात्रा के अनुसार करें।
*खेत की नियमित निगरानी करें और शुरुआती लक्षण दिखते ही रोग की सही पहचान कराएं।
*जरूरत पड़ने पर स्थानीय कृषि विभाग या कृषि विशेषज्ञ की सलाह से अनुमोदित fungicide का ही प्रयोग करें और लेबल पर दी गई मात्रा व सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
ICAR भी Integrated Pest Management में रोकथाम, नियमित निगरानी और आवश्यकता के अनुसार अनुशंसित उपायों को प्राथमिकता देने की सलाह देता है।
निष्कर्ष: धान में फंगस से बचाव के लिए केवल दवा पर निर्भर रहने के बजाय सही जल प्रबंधन, संतुलित पोषण, उचित पौध घनत्व और नियमित खेत निगरानी को अपनाना जरूरी है।



