Farmer Registry 2026
कृषि सेवाओं के डिजिटल होने के साथ Farmer Registry यानी किसान रजिस्ट्री का महत्व बढ़ रहा है। इसके तहत किसान की डिजिटल पहचान को उसकी कृषि भूमि और खेती से जुड़ी जानकारी के साथ जोड़ा जाता है। केंद्र सरकार के AgriStack कार्यक्रम के तहत Farmer Registry को कृषि सेवाओं और योजनाओं की डिजिटल डिलीवरी के लिए एक आधारभूत व्यवस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में करीब 2.46 करोड़ Farmer IDs
केंद्र सरकार के 30 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में 2,46,28,676 Farmer IDs generate किए जा चुके थे। देशभर में इस तारीख तक 10.28 करोड़ से अधिक Farmer IDs बन चुके थे। (PIB/Ministry of Agriculture)
उत्तर प्रदेश के उपलब्ध district-wise data में Rampur, Ghaziabad और Moradabad सहित सभी जिलों में Farmer ID generation की प्रगति दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर 30 जुलाई तक Rampur में 3,21,472, Ghaziabad में 62,853 और Moradabad में 3,14,378 Farmer IDs generate हुई थीं।
Farmer Registry क्या है?
AgriStack के अनुसार Farmer Registry एक digital database है, जिसमें किसान की पहचान और कृषि से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित किया जाता है। इसमें किसान की जानकारी, land records और crop-related information जैसे data को विभिन्न digital agricultural services से जोड़ने का उद्देश्य है।
सरकार के अनुसार Farmer Registry को PM-KISAN, Kisan Credit Card से जुड़े Jan Samarth platform, crop insurance, weather advisories और MSP-based procurement जैसी farmer-centric services के साथ integrate किया जा रहा है। इससे भविष्य में पात्र किसानों तक सेवाएं और योजनाएं अधिक व्यवस्थित तरीके से पहुंचाने में मदद मिल सकती है। (PIB)
किसान के लिए Farmer ID क्यों महत्वपूर्ण है?
Farmer ID का उपयोग कृषि सेवाओं को digital तरीके से उपलब्ध कराने के लिए किया जा सकता है। इससे किसान की पहचान, भूमि और crop-related information को अलग-अलग सरकारी systems में बार-बार दर्ज करने की जरूरत कम करने का उद्देश्य है।
हालांकि Farmer ID बन जाना किसी योजना का लाभ मिलने की गारंटी नहीं है। प्रत्येक सरकारी योजना के अपने eligibility rules और verification requirements होते हैं।
किसान अपनी जानकारी में क्या जांचें?
Farmer Registry बनवाते या update कराते समय किसान इन details को ध्यान से जांचें—
*किसान का नाम सही है या नहीं
*मोबाइल नंबर सही है या नहीं
*Aadhaar से संबंधित जानकारी सही है या नहीं
*भूमि का विवरण और रिकॉर्ड सही है या नहीं
*संबंधित plot/land details में कोई गलती तो नहीं
*परिवार या उत्तराधिकारी से जुड़ी जानकारी में आवश्यकता अनुसार सुधार हुआ है या नहीं
भूमि रिकॉर्ड में नाम या स्वामित्व संबंधी गलती होने पर Farmer Registry में केवल entry बदलना पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में संबंधित राजस्व विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भूमि रिकॉर्ड में सुधार कराना जरूरी हो सकता है।
क्या Farmer ID जमीन का मालिकाना हक साबित करती है?
नहीं। Farmer ID को land ownership document नहीं समझना चाहिए। AgriStack के अनुसार Farmer Registry को farmland records से जोड़ने का उद्देश्य मुख्य रूप से scheme delivery, planning और agricultural advisory जैसी सेवाओं में मदद करना है। जमीन के कानूनी अधिकार के लिए संबंधित वैध भूमि अभिलेख ही महत्वपूर्ण रहेंगे। (AgriStack)
किसान सावधानी जरूर रखें
Farmer Registry के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को OTP, ATM PIN, बैंक password या अन्य confidential banking details न दें। Registration या correction के लिए केवल official government portal, अधिकृत CSC अथवा संबंधित विभाग के माध्यम का इस्तेमाल करें।
सरकार ने यह भी बताया है कि जिन किसानों के पास digital access की सुविधा नहीं है, वे CSC, FPO और KrishiSakhi जैसे support channels की मदद से Farmer ID registration करा सकते हैं। (PIB)
निष्कर्ष
Farmer Registry कृषि क्षेत्र की digital infrastructure का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है। इसका उद्देश्य किसान, भूमि और कृषि संबंधी जानकारी को एक व्यवस्थित digital framework से जोड़कर योजनाओं और सेवाओं की delivery को अधिक efficient बनाना है।
किसानों के लिए सबसे जरूरी बात है कि Farmer Registry में दर्ज अपनी जानकारी सही रखें और किसी भी correction या registration के लिए official channel का ही उपयोग करें।
स्रोत: Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, Government of India; AgriStack; Farmer Registry Uttar Pradesh.



