खेती में फसल की जरूरत के अनुसार पोषक तत्व उपलब्ध कराना और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखना दोनों जरूरी हैं। इसी दिशा में ICAR-Indian Institute of Vegetable Research (ICAR-IIVR), वाराणसी ने KASHI AZOBC नामक NPK माइक्रोबियल कंसोर्टियम बायोफर्टिलाइजर विकसित किया है। ICAR के अनुसार यह तकनीक जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण, फॉस्फोरस घुलनशीलता और पोटैशियम मोबिलाइजेशन जैसे कार्यों को एक ही कंसोर्टियम के माध्यम से पूरा करने के लिए तैयार की गई है।
KASHI AZOBC क्या है?
KASHI AZOBC एक multi-strain bacterial consortium है। इसमें तीन प्रमुख सूक्ष्मजीव समूहों की भूमिका बताई गई है—
*Azotobacter: वायुमंडलीय नाइट्रोजन के जैविक स्थिरीकरण में मदद करता है।
*Bacillus subtilis: मिट्टी में मौजूद कुछ फॉस्फोरस को पौधों के लिए अधिक उपलब्ध रूप में लाने में मदद करता है।
*Paenibacillus: पोटैशियम की उपलब्धता बढ़ाने में भूमिका निभाता है और मिट्टी में जिंक की उपलब्धता को भी सक्रिय कर सकता है।
इस तरह एक ही microbial consortium के माध्यम से N, P और K से जुड़े पोषण कार्यों को support करने का प्रयास किया जाता है।
किसानों के लिए KASHI AZOBC क्यों महत्वपूर्ण है?
ICAR के अनुसार KASHI AZOBC को liquid, talc powder और granular रूपों में उपलब्ध कराया जा रहा है। ICAR-IIVR के खेतों और किसानों के खेतों में टमाटर, बैंगन, मिर्च और मटर जैसी फसलों पर किए गए परीक्षणों में पौधों की वृद्धि और कुछ गुणवत्ता मानकों में सुधार दर्ज किया गया।
ICAR के अनुसार उचित कृषि प्रबंधन और पर्याप्त जैविक पदार्थ की स्थिति में KASHI AZOBC का उपयोग recommended chemical NPK dose को लगभग 20–25% तक कम करने में मदद कर सकता है। इसे हर खेत में निश्चित उर्वरक बचत की गारंटी के रूप में नहीं समझना चाहिए।
किसान इसका इस्तेमाल कैसे करें?
ICAR ने formulation के अनुसार अलग-अलग उपयोग दर बताई हैं। उदाहरण के लिए liquid formulation को seed treatment, root/seedling dip और soil application में इस्तेमाल किया जा सकता है। Talc powder और granular formulation की भी अलग-अलग recommended doses हैं। इसलिए किसान उत्पाद के आधिकारिक लेबल और अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही इस्तेमाल करें।
Soil application के लिए ICAR ने उत्पाद को अच्छी तरह सड़ी हुई farmyard manure या vermicompost के साथ मिलाकर नम मिट्टी में उपयोग करने की सलाह दी है।
इस्तेमाल से पहले इन बातों का रखें ध्यान
*उत्पाद का लेबल, batch और निर्माता संबंधी विवरण जरूर देखें।
*निर्धारित मात्रा से अधिक या कम इस्तेमाल न करें।
*इसे सीधे तेज धूप में न रखें।
*ICAR के अनुसार formulations की shelf life एक वर्ष है।
*KASHI AZOBC को fungicides, bactericides या chemical pesticides के साथ एक ही समय पर इस्तेमाल न करें।
*मिट्टी की जांच और फसल की जरूरत के अनुसार nutrient management करें।
*रासायनिक उर्वरकों की मात्रा अपने स्तर पर अचानक बंद या कम न करें।
क्या KASHI AZOBC रासायनिक खाद की जगह ले सकता है?
इसे सीधे रासायनिक खाद का पूर्ण विकल्प मानना सही नहीं होगा। KASHI AZOBC का उद्देश्य microbial activity के माध्यम से पोषक तत्वों की उपलब्धता को support करना और उचित परिस्थितियों में chemical NPK requirement को कम करने में मदद करना है।
इसलिए किसान इसे Integrated Nutrient Management का हिस्सा मानकर इस्तेमाल करें और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के साथ फसल, मिट्टी और पोषण की जरूरत के अनुसार fertilizer plan तैयार करें।
निष्कर्ष
KASHI AZOBC किसानों के लिए NPK पोषण प्रबंधन में microbial technology का एक विकल्प प्रस्तुत करता है। ICAR के अनुसार इसके उपयोग से पोषक तत्वों की उपलब्धता, पौधों की वृद्धि और कुछ फसलों की गुणवत्ता में लाभ देखा गया है। हालांकि बेहतर परिणाम के लिए सही formulation, मात्रा, मिट्टी की स्थिति और कृषि प्रबंधन का ध्यान रखना जरूरी है।
स्रोत: ICAR–Indian Institute of Vegetable Research (ICAR-IIVR), Varanasi



