धान और अन्य खरीफ फसलों की कटाई के बाद खेत में बचा अवशेष किसानों के सामने बड़ी चुनौती बन सकता है। रबी की बुवाई के लिए समय कम होने के कारण कई किसान खेत जल्दी खाली करना चाहते हैं। ऐसे में फसल अवशेष जलाने के बजाय उसका प्रबंधन करना मिट्टी और खेती दोनों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है। ICAR ने सितंबर 2026 में रबी की तैयारी के साथ स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इन-सीटू और एक्स-सीटू अवशेष प्रबंधन पर जोर दिया है।
किसान पराली का क्या करें?
*अवशेष को खेत में काटकर या उचित तरीके से मिलाकर मल्चिंग/इन-सीटू प्रबंधन किया जा सकता है।
*जरूरत के अनुसार हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर या अन्य उपयुक्त मशीनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
*उपलब्ध अवशेष का कंपोस्ट या अन्य उपयोगों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
*पशु चारे के रूप में उपयोग करने से पहले उसकी उपयुक्तता और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करें।
*मशीन उपलब्ध न हो तो कस्टम हायरिंग सेंटर या स्थानीय सेवा प्रदाता से किराये पर मशीन लेने की जानकारी लें।
रबी से पहले किसान रखें ध्यान
हर खेत के लिए एक ही तरीका सही नहीं होता। फसल अवशेष की मात्रा, मिट्टी की नमी, अगली फसल और उपलब्ध मशीनरी देखकर विकल्प चुनें।
किसान सलाह: पराली जलाने के बजाय स्थानीय कृषि विभाग, KVK या FPO से उपलब्ध मशीन और उपयुक्त अवशेष प्रबंधन तकनीक की जानकारी पहले लें। इससे रबी की बुवाई के समय अनावश्यक देरी और खर्च से बचने में मदद मिल सकती है।



