उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए सरकारी धान खरीद का लक्ष्य 65 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। राज्य में लगभग 4,500 खरीद केंद्रों के माध्यम से आठ सरकारी एजेंसियां धान खरीदेंगी। किसानों को सामान्य धान के लिए ₹2,441 और ग्रेड-A धान के लिए ₹2,461 प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित किया गया है।
पश्चिमी और पूर्वी यूपी में खरीद कब होगी?
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खरीद अक्टूबर के मध्य से और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर 2026 से शुरू करने की योजना है। हालांकि, पश्चिमी यूपी के लिए खरीद शुरू होने की तारीख को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। इसलिए किसान अपने जिले की निर्धारित तारीख और केंद्र की स्थिति संबंधित विभाग से जरूर जांचें।
सरकार ने खरीद के बाद किसानों के बैंक खातों में 48 घंटे के भीतर भुगतान की व्यवस्था करने की बात कही है। भुगतान के लिए पंजीकरण, दस्तावेजों और सत्यापन की स्थिति सही रखना जरूरी है।
धान बेचने से पहले किसान क्या करें?
*पंजीकरण जांचें: सरकारी खरीद पोर्टल पर अपना किसान पंजीकरण और विवरण सत्यापित करें।
*भूमि रिकॉर्ड देखें: खतौनी, दर्ज फसल और रकबे में त्रुटि हो तो समय रहते सुधार कराएं।
*बैंक विवरण जांचें: खाते की जानकारी सही रखें, ताकि भुगतान में परेशानी न हो।
*गुणवत्ता मानक पूछें: खरीद केंद्र से धान में नमी और अन्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों की जानकारी लें।
*रसीद सुरक्षित रखें: धान तौलने और खरीद के बाद प्राप्त पर्ची तथा भुगतान का रिकॉर्ड संभालकर रखें।
किसानों के लिए जरूरी बात
MSP सरकारी खरीद की निर्धारित दर है, लेकिन सरकारी केंद्र पर बिक्री के लिए पंजीकरण, पात्रता और गुणवत्ता संबंधी नियम लागू होते हैं। खरीद केंद्र या भुगतान में समस्या आने पर जिला खाद्य एवं विपणन कार्यालय से संपर्क करें।
स्रोत: भारत सरकार की MSP संबंधी आधिकारिक जानकारी और उत्तर प्रदेश की धान खरीद नीति पर प्रकाशित रिपोर्टें।



