उत्तर प्रदेश में PM-KISAN Samman Nidhi के लाभार्थियों से जुड़ी जानकारी के सत्यापन पर प्रशासन का ध्यान बढ़ा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 15.35 लाख से अधिक किसानों के रिकॉर्ड में पहचान या जमीन से जुड़े विवरण के सत्यापन की जरूरत सामने आई है। इन मामलों में सत्यापन और जरूरी जानकारी अपडेट करने की प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों को क्या करना चाहिए?
अगर आपका PM-KISAN Status संदिग्ध या लंबित दिखाई दे रहा है, तो इन बातों की जांच करें:
PM-KISAN पोर्टल पर अपना Beneficiary Status देखें।
Aadhaar और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी सही है या नहीं, जांचें।
जमीन के स्वामित्व और नामांतरण (Mutation) से संबंधित रिकॉर्ड सही रखें।
किसी जानकारी में कमी होने पर संबंधित कृषि विभाग/राजस्व कार्यालय या अधिकृत सेवा केंद्र से संपर्क करें।
जरूरत होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार e-KYC पूरा करें। PM-KISAN में e-KYC अनिवार्य है।
PM-KISAN Verification क्यों जरूरी है?
PM-KISAN के तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 की सहायता तीन बराबर किस्तों में DBT के माध्यम से दी जाती है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार कुछ संदिग्ध मामलों में लाभ अस्थायी रूप से रोका जा सकता है, जब तक भौतिक सत्यापन पूरा न हो जाए।
किसान सलाह: किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक PIN या अन्य संवेदनशील जानकारी न दें। अपना PM-KISAN स्टेटस केवल आधिकारिक माध्यम से ही जांचें।



