बारिश, बाढ़, जलभराव या अन्य प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होने पर PM फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत पात्र और बीमित किसान निर्धारित नियमों के अनुसार दावा कर सकते हैं। हालांकि नुकसान का प्रकार, अधिसूचित फसल, क्षेत्र और राज्य की शर्तें इसमें महत्वपूर्ण होती हैं।
फसल नुकसान होने पर सबसे पहले क्या करें?
नुकसान होने के बाद किसान को जितनी जल्दी संभव हो, नुकसान की सूचना दर्ज करानी चाहिए। PMFBY के तहत स्थानीय आपदा और निर्धारित फसलोत्तर नुकसान के मामलों में नुकसान की सूचना संबंधित माध्यम से निर्धारित समय में देना जरूरी है। कई ऐसे मामलों में 72 घंटे के भीतर सूचना देने का प्रावधान है। किसान नुकसान की रिपोर्ट और शिकायत के लिए कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन 14447 का उपयोग कर सकते हैं।
फोटो और रिकॉर्ड सुरक्षित रखें
नुकसान वाले खेत की फोटो-वीडियो, फसल का विवरण, बीमा पॉलिसी/आवेदन की जानकारी और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें। नुकसान के आकलन के दौरान ये रिकॉर्ड उपयोगी हो सकते हैं।
क्या हर बाढ़ नुकसान पर क्लेम मिलेगा?
जरूरी नहीं। PMFBY में कवरेज राज्य द्वारा अधिसूचित फसल और क्षेत्र तथा पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है। बाढ़ और inundation जैसे जोखिम योजना में शामिल हैं, लेकिन दावा निर्धारित प्रक्रिया और नुकसान के आकलन के आधार पर तय होता है।
निष्कर्ष: फसल नुकसान होने पर किसान सूचना देने में देरी न करें, जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित रखें और 14447 से आधिकारिक प्रक्रिया की जानकारी लें। केवल फसल खराब होने से किसी निश्चित राशि के भुगतान की गारंटी नहीं होती।



