महिला किसान दिवस 2026
भारत की खेती में महिलाएं बुवाई, रोपाई, कटाई, पशुपालन, बीज संरक्षण और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण जैसे अनेक कार्यों में योगदान देती हैं। इसी योगदान को पहचान देने के लिए 15 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय स्तर पर महिला किसान दिवस मनाया जा रहा है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय कार्यक्रम नई दिल्ली के डॉ. बी.आर. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम है—“विकसित कृषि और विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका।” 2026 को संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष भी घोषित किया है।
कृषि में महिलाओं की भागीदारी कितनी है?
केंद्र सरकार की 14 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) में जनवरी से दिसंबर 2025 के दौरान कृषि गतिविधियों में लगे कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 59.8 प्रतिशत दर्ज की गई। यह आँकड़ा कृषि क्षेत्र में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करता है।
महिला किसान अवसरों का लाभ कैसे लें?
महिला किसान अपनी जरूरत के अनुसार इन विकल्पों की जानकारी ले सकती हैं:
*कृषि प्रशिक्षण: नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से फसल उत्पादन, पशुपालन और प्रसंस्करण संबंधी प्रशिक्षण पूछें।
*स्वयं सहायता समूह: स्थानीय ग्रामीण आजीविका मिशन से समूह आधारित गतिविधियों की जानकारी लें।
*FPO से जुड़ाव: किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से सामूहिक विपणन और प्रसंस्करण की संभावनाएं समझें।
*कृषि उद्यम: मशरूम उत्पादन, सब्जी नर्सरी, मधुमक्खी पालन या खाद्य प्रसंस्करण शुरू करने से पहले लागत और बाजार का आकलन करें।
इन विकल्पों में सहायता, प्रशिक्षण या वित्तीय लाभ मिलना संबंधित कार्यक्रम की पात्रता और शर्तों पर निर्भर करता है। आवेदन से पहले संबंधित विभाग से जानकारी अवश्य लें।
निष्कर्ष: महिला किसान दिवस महिलाओं के कृषि योगदान को पहचानने और खेती में उनकी भागीदारी, नेतृत्व तथा अवसरों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
स्रोत: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार; प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)।



