असम के धुबरी जिले के किसान रतन राय ने चाय की पत्तियों के प्रसंस्करण के लिए घरेलू उपकरणों से एक अस्थायी मशीन तैयार की है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित जानकारी के अनुसार, 51 वर्षीय रतन राय ने पुराने प्रेशर कुकर, मिक्सर-ग्राइंडर की मोटर और विशेष धातु ब्लेडों का इस्तेमाल करके यह प्रयोग किया। उन्हें चाय की खेती का लगभग 25 वर्षों का अनुभव है।
कैसे काम करती है यह मशीन?
इस उपकरण में प्रेशर कुकर के भीतर विशेष धातु ब्लेड लगाए गए और उन्हें मिक्सर-ग्राइंडर की मोटर से जोड़ा गया। इससे चाय की पत्तियों को कुचलने, फाड़ने और मोड़ने की प्रक्रिया की जा सकती है। ये चरण चाय की CTC (Crush, Tear and Curl) प्रसंस्करण विधि से जुड़े हैं।

स्रोत: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR); कृषि विज्ञान केंद्र, धुबरी।
छोटे चाय उत्पादकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
विशेष चाय प्रसंस्करण मशीनें खरीदना छोटे उत्पादकों के लिए महंगा हो सकता है। रतन राय का प्रयोग दिखाता है कि स्थानीय जरूरतों के अनुसार उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके प्रसंस्करण के नए तरीके खोजे जा सकते हैं। इससे खेत या उत्पादन स्तर पर मूल्यवर्धन की संभावनाओं पर चर्चा को बढ़ावा मिलता है।
ICAR की रिपोर्ट के अनुसार, किसान का कहना है कि इस मशीन से तैयार चाय का स्वाद अधिक तेज होता है और वह जल्दी बनती है। हालांकि, यह उनका अनुभव है; इसे स्वतंत्र गुणवत्ता परीक्षण का निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
किसान क्या ध्यान रखें?
इस प्रयोग को अपनाने से पहले उपकरण की विद्युत और यांत्रिक सुरक्षा, खाद्य-संपर्क सामग्री, सफाई और तैयार चाय की गुणवत्ता की जाँच जरूरी है। घरेलू प्रेशर कुकर या मिक्सर में स्वयं बदलाव करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। व्यावसायिक उपयोग से पहले कृषि विज्ञान केंद्र या संबंधित तकनीकी विशेषज्ञ से सलाह लें।
निष्कर्ष: यह किसान-आधारित नवाचार छोटे चाय उत्पादकों के लिए संभावित विकल्पों की ओर ध्यान दिलाता है। बड़े स्तर पर उपयोग से पहले इसकी लागत, क्षमता, सुरक्षा और गुणवत्ता का आकलन जरूरी है।



