कृषि यंत्र सब्सिडी, सरकारी योजनाओं और किसान सम्मान निधि के नाम पर आने वाले फर्जी संदेश किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। ठग नकली वेबसाइट, व्हाट्सऐप लिंक और संदिग्ध ऐप के जरिए बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले उसकी जानकारी आधिकारिक स्रोत से जांचना जरूरी है।
फर्जी लिंक की पहचान कैसे करें?
*आधिकारिक वेबसाइट जांचें: योजना की जानकारी संबंधित सरकारी विभाग के पोर्टल पर देखें। केवल सरकारी लोगो देखकर किसी वेबसाइट पर भरोसा न करें।
*OTP और PIN साझा न करें: बैंक OTP, ATM PIN, UPI PIN और पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं।
*अनजान ऐप इंस्टॉल न करें: व्हाट्सऐप या SMS से मिली APK फाइल और संदिग्ध ऐप से बचें।
*भुगतान संदेश की पुष्टि करें: सब्सिडी मिलने का संदेश आने पर बैंक खाते या आधिकारिक बैंक ऐप में लेनदेन जांचें।
*फर्जी फीस से सावधान रहें: सरकारी योजना में चयन या अनुदान दिलाने का दावा करने वाले अनजान व्यक्ति को बिना आधिकारिक पुष्टि पैसे न दें।
ऑनलाइन ठगी होने पर क्या करें?
1. तुरंत 1930 पर कॉल करें: यदि बैंक खाते से धोखाधड़ी के जरिए पैसे निकल गए हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर सूचना दें।
2. ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करें और मिले संदर्भ नंबर को सुरक्षित रखें।
3. बैंक को सूचित करें: अपने बैंक के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके खाते और भुगतान की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं।
4. प्रमाण सुरक्षित रखें: संदिग्ध संदेश, मोबाइल नंबर, वेबसाइट लिंक, भुगतान रसीद और ट्रांजैक्शन विवरण संभालकर रखें।
किसानों के लिए सलाह: किसी भी सरकारी योजना की पात्रता, आवेदन और भुगतान की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से ही जांचें। समय पर शिकायत करने से धोखाधड़ी की रकम रोकने या वापस पाने की संभावना में मदद मिल सकती है, हालांकि इसकी गारंटी नहीं होती।



