धान की कटाई के बाद गेहूं की बुवाई के लिए समय कम होता है। ऐसे में पराली हटाने या जलाने के बजाय हैप्पी सीडर से अवशेषों के बीच सीधे गेहूं की बुवाई एक विकल्प हो सकती है।
🚜 कैसे काम करती है?
यह ट्रैक्टर से चलने वाली मशीन धान के अवशेषों के बीच मिट्टी में बीज पहुंचाकर बुवाई करती है। काटे गए अवशेषों का एक हिस्सा खेत की सतह पर रहकर मल्च की तरह काम कर सकता है। इससे खेत में अवशेष बनाए रखने और नमी संरक्षण में मदद मिल सकती है।
🌾 किसान को क्या फायदा?
समय पर गेहूं की बुवाई, जुताई के कुछ चरणों में कमी और पराली जलाने की जरूरत घटाना इसके प्रमुख संभावित लाभ हैं। ICAR ने Happy Seeder को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपयोगी मशीनों में शामिल किया है।
⚠️ इस्तेमाल से पहले ध्यान दें
खेत में पराली समान रूप से फैली हो और मशीन की सेटिंग सही हो। मिट्टी की नमी, अवशेष की मात्रा और खेत की स्थिति के अनुसार परिणाम बदल सकते हैं। मशीन खरीदने के बजाय Custom Hiring Centre से किराये पर लेना छोटे किसानों के लिए विकल्प हो सकता है।
निष्कर्ष: पराली को केवल कचरा समझने के बजाय सही मशीन और प्रबंधन से अगली फसल की बुवाई में उपयोग किया जा सकता है।



