Chrysanthemum Farming
गुलदाउदी(Chrysanthemum) सर्दियों में खिलने वाला प्रमुख सजावटी फूल है। इसका इस्तेमाल गुलदस्ते, पूजा, सजावट और गमलों में पौधे तैयार करने के लिए किया जाता है। किसान इसकी व्यावसायिक खेती शुरू करने से पहले स्थानीय बाजार, पौध सामग्री की उपलब्धता और उत्पादन लागत का आकलन कर सकते हैं।
गुलदाउदी की खेती के लिए कैसी मिट्टी चाहिए?
गुलदाउदी के लिए उपजाऊ और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी उपयुक्त रहती है। खेत में पानी जमा होने से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। खेत तैयार करते समय मिट्टी की स्थिति के अनुसार सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं। खाद और उर्वरक की मात्रा स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह से तय करें।
अक्टूबर में किसान किन बातों पर ध्यान दें?
अक्टूबर में पहले से लगे पौधों की निराई-गुड़ाई, जरूरत के अनुसार सिंचाई और रोगों की निगरानी करें। नई रोपाई का सही समय क्षेत्र, किस्म और फूल उत्पादन के उद्देश्य पर निर्भर करता है। इसलिए रोपाई से पहले उद्यान विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से स्थानीय सलाह लें।
*स्वस्थ और रोगमुक्त पौध सामग्री चुनें।
*जरूरत के अनुसार सिंचाई करें और जलभराव से बचाएं।
*पत्तियों पर धब्बे या पौधों के मुरझाने के लक्षण दिखें तो कारण की पहचान कराएं।
*फूलों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पौधों की नियमित निगरानी करें।
गुलदाउदी की कौन-सी किस्में उपलब्ध हैं?
ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने ‘पूसा गुलदस्ता’, ‘पूसा श्वेत’ और ‘पूसा सुंदरी’ जैसी गुलदाउदी किस्में प्रदर्शित की हैं। किसान किस्म चुनते समय स्थानीय जलवायु, फूलों के उपयोग और बाजार की मांग पर ध्यान दें।
फूलों की बिक्री के लिए स्थानीय फूल मंडी, नर्सरी, सजावट व्यवसाय और कार्यक्रम आयोजकों से संपर्क किया जा सकता है। हालांकि, वास्तविक कमाई उत्पादन, फूलों की गुणवत्ता, परिवहन लागत और बाजार भाव पर निर्भर करेगी।
जरूरी सलाह: खेती शुरू करने से पहले पौध, श्रम, सिंचाई, पैकिंग और परिवहन की लागत का अनुमान लगाएं।



