उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए रबी सीजन की तैयारी के बीच कानपुर में आयोजित राष्ट्रीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि उपकरणों, बीजों और खेती की नई तकनीकों से जुड़ी जानकारी मिल रही है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA), कानपुर परिसर में यह तीन दिवसीय मेला 15 से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसकी थीम “सशक्त किसान, आत्मनिर्भर भारत” है।
प्रकाशित समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मेले में आठ राज्यों से लगभग 25 हजार किसानों के शामिल होने का अनुमान जताया गया था। आयोजन में 150 से अधिक स्टॉल लगाए जाने की जानकारी भी दी गई है। यहां कृषि उपकरणों, सरकारी योजनाओं, कृषि आधारित व्यवसायों और नई तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
किसान मेले में क्या देख सकते हैं किसान?
1. सोलर ट्रैक्टर और कृषि मशीनें
मेले के प्रमुख आकर्षणों में सौर ऊर्जा से चलने वाले ट्रैक्टर, थ्रेसर और अन्य कृषि उपकरण शामिल हैं। किसान मशीन खरीदने से पहले उसकी कीमत, क्षमता, ईंधन या ऊर्जा की जरूरत, रखरखाव खर्च और वारंटी की जानकारी लें।
2. रबी फसलों के बीज
गेहूं, सरसों, चना और मटर जैसी रबी फसलों की उन्नत किस्मों से संबंधित जानकारी और बीजों की उपलब्धता आयोजन के प्रमुख विषयों में शामिल है। बीज खरीदते समय किस्म का नाम, प्रमाणित लेबल, पैकेट पर अंकित वैधता और अपने क्षेत्र के लिए उसकी उपयुक्तता जरूर जाँचें।
3. खेती की नई तकनीकें
ड्रोन आधारित कृषि कार्य, धान के अवशेषों का प्रबंधन, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मछली पालन जैसे विषय किसानों के लिए अतिरिक्त आय तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग के विकल्प समझने में मदद कर सकते हैं। किसी भी नई तकनीक को अपनाने से पहले उसकी लागत और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयोगिता का आकलन करें।
4. विशेषज्ञों और सरकारी विभागों से जानकारी
किसान फसल, मिट्टी, सिंचाई और कीट-रोग से जुड़ी समस्याओं पर विशेषज्ञों से सलाह लेने का प्रयास कर सकते हैं। मिट्टी की जाँच रिपोर्ट और प्रभावित फसल की तस्वीरें साथ रखने से समस्या समझाने में मदद मिल सकती है। सरकारी योजनाओं के स्टॉल पर पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी पूछें।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मेले से मिली जानकारी के आधार पर तुरंत बड़ा निवेश करने के बजाय अपने खेत की जरूरत, बजट और संभावित खर्च का आकलन करें। बीज या कृषि उपकरण खरीदने से पहले विक्रेता की विश्वसनीयता और संबंधित दस्तावेजों की जाँच करें। किसी योजना में लाभ मिलने की पुष्टि संबंधित विभाग से करें।
किसान मेले जैसे आयोजन नई तकनीकों और कृषि विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर देते हैं। सही जानकारी लेकर और स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार निर्णय लेने से किसान अपनी खेती की जरूरतों के अनुरूप बेहतर विकल्प चुन सकते हैं।



