महाराष्ट्र में कम बारिश और सूखे की स्थिति से किसानों की मुश्किलें बढ़ी हैं। 14 अक्टूबर 2026 को राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या बढ़ाकर 305 कर दी। इससे पहले 265 तालुके सूची में शामिल थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की प्रारंभिक आर्थिक सहायता बैंक खातों में देने की घोषणा की। यह महाराष्ट्र सरकार का निर्णय है; इसे उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों के किसानों पर लागू नहीं माना जाना चाहिए।
सूखा प्रभावित किसान राहत के लिए क्या करें?
1. अपने क्षेत्र की स्थिति जाँचें: तहसील कार्यालय, ग्राम सेवक या जिला कृषि विभाग से पता करें कि आपका तालुका और गाँव आधिकारिक सूखा प्रभावित सूची में शामिल है या नहीं।
2. फसल नुकसान का सर्वे पता करें: अधिकारियों से पूछें कि आपके खेत का सर्वे या पंचनामा हुआ है या नहीं। नुकसान की तारीख सहित तस्वीरें और उपलब्ध रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
3. जरूरी दस्तावेज तैयार रखें: भूमि रिकॉर्ड, बैंक खाते का विवरण, पहचान संबंधी दस्तावेज और फसल की जानकारी अपने पास रखें। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज स्थानीय प्रशासन से पूछें।
4. भुगतान की स्थिति की पुष्टि करें: ₹5,000 की घोषणा को खाते में राशि जमा होने की पुष्टि न समझें। पात्रता, भुगतान की समय-सीमा और किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के बारे में तहसील कार्यालय या संबंधित सरकारी सूचना से जानकारी लें।
5. अन्य राहत उपायों की जानकारी लें: सरकार ने सूखा प्रभावित तालुकों के लिए राहत उपायों की भी घोषणा की है। इनमें फसल ऋण के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में रियायत और बिजली बिल संबंधी राहत शामिल हैं। इनका लाभ संबंधित नियमों और पात्रता के अनुसार मिलेगा।
6. धोखाधड़ी से सावधान रहें: राहत दिलाने के नाम पर अनजान लोगों को पैसे या बैंक OTP न दें।
किसानों के लिए जरूरी बात: राहत राशि और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता आधिकारिक आदेश, पात्रता और प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। सही जानकारी के लिए जिला प्रशासन या महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल से पुष्टि करें।



