RAS and Biofloc Fish Farming
मछली पालन अब केवल बड़े तालाबों पर निर्भर नहीं है। RAS और Biofloc Fish Farming जैसी तकनीकों ने नियंत्रित परिस्थितियों में कम जगह और सीमित पानी के साथ मछली पालन के नए विकल्प उपलब्ध कराए हैं। सरकार भी PMMSY के तहत आधुनिक aquaculture technologies को बढ़ावा दे रही है।
RAS और Biofloc क्या है?
RAS यानी Recirculatory Aquaculture System में पानी को फिल्टर और उपचारित करके दोबारा सिस्टम में इस्तेमाल किया जाता है। इससे पानी का उपयोग अधिक नियंत्रित तरीके से किया जा सकता है।
वहीं Biofloc Technology में सूक्ष्मजीवों की मदद से पानी में मौजूद जैविक अपशिष्ट और पोषक तत्वों के प्रबंधन पर ध्यान दिया जाता है। दोनों प्रणालियों में पानी की गुणवत्ता और ऑक्सीजन की निगरानी महत्वपूर्ण होती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 5 मार्च 2026 तक PMMSY के तहत 12,081 RAS और 4,205 Biofloc units स्वीकृत किए जा चुके थे।
किसान को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
RAS या Biofloc शुरू करने से पहले केवल उत्पादन क्षमता नहीं, बल्कि पूरी परियोजना का खर्च समझना जरूरी है। इसमें टैंक, फिल्टर, पंप, aerator, बिजली, मछली बीज, feed, श्रम और रखरखाव जैसी लागत शामिल हो सकती है।
साथ ही पानी की गुणवत्ता, dissolved oxygen, तापमान और मछलियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी जरूरी है। बिजली की लगातार उपलब्धता भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
बाजार की योजना पहले बनाएं
मछली उत्पादन शुरू करने से पहले स्थानीय थोक बाजार, खुदरा विक्रेता, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खरीदारों की मांग की जानकारी लेना उपयोगी है।
PMMSY में RAS और Biofloc जैसी तकनीकों को सहायता योग्य गतिविधियों में शामिल किया गया है, लेकिन सहायता की राशि और पात्रता परियोजना तथा राज्य के नियमों पर निर्भर करती है।
निष्कर्ष: RAS और Biofloc को निश्चित मुनाफे की तकनीक मानने के बजाय प्रशिक्षण, लागत गणना और बाजार अध्ययन के बाद अपनाना बेहतर है।



