गन्ने में Red Rot रोग: यूपी के किसानों को क्यों सतर्क रहना चाहिए?
उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में है। 2026 में गन्ने की उत्पादकता और चीनी उत्पादन पर Red Rot (लाल सड़न) रोग को लेकर विशेष चर्चा हुई है। विशेष रूप से Co-0238 किस्म की रोग संवेदनशीलता को लेकर कृषि क्षेत्र में चिंता सामने आई है।
Red Rot एक फफूंदजनित रोग है जो गन्ने के तने को प्रभावित कर सकता है। संक्रमित पौधे कमजोर हो सकते हैं और उपज तथा गन्ने की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
खेत में क्या देखें?
किसान पौधों की असामान्य सूखावट, पत्तियों के रंग में बदलाव और तने को काटने पर लाल रंग के लक्षण जैसे संकेतों पर ध्यान दें। हालांकि किसी भी लक्षण को देखकर तुरंत बीमारी तय नहीं करनी चाहिए; कृषि विशेषज्ञ से पुष्टि जरूरी है।
रोग प्रबंधन में स्वस्थ और प्रमाणित बीज सामग्री, खेत की स्वच्छता, उचित फसल चक्र और क्षेत्र के अनुसार अनुशंसित किस्मों का उपयोग महत्वपूर्ण हो सकता है।
एक ही संवेदनशील किस्म को लंबे समय तक लगातार लगाने से जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए स्थानीय कृषि विश्वविद्यालय या गन्ना विभाग की सलाह के अनुसार किस्म चयन करना उपयोगी रहेगा।
किसान सलाह: रोगग्रस्त खेत से अगली फसल के लिए बीज सामग्री न लें और समस्या बढ़ने से पहले स्थानीय गन्ना विभाग या कृषि विशेषज्ञ से संपर्क करें।



