खेती में मौसम, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक जोखिमों के कारण फसल को नुकसान हो सकता है। ऐसे जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू की गई है। योजना का उद्देश्य अधिसूचित फसलों को निर्धारित जोखिमों से बीमा सुरक्षा देना है।
किसान को कितना प्रीमियम देना होता है?
PMFBY के तहत किसान का हिस्सा सामान्यतः खरीफ फसलों के लिए बीमित राशि का अधिकतम 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% तक निर्धारित है। शेष पात्र प्रीमियम पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है।
कौन किसान करा सकता है बीमा?
अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले पात्र किसान योजना के अंतर्गत बीमा करा सकते हैं। योजना खरीफ 2020 से किसानों के लिए स्वैच्छिक है। हालांकि फसल, जिला और मौसम के अनुसार अधिसूचना तथा अंतिम तिथि अलग हो सकती है।
नुकसान होने पर क्या करें?
फसल खराब होने पर किसान को स्थानीय नियमों के अनुसार निर्धारित समय में नुकसान की सूचना देनी चाहिए। बीमा आवेदन/रसीद, बैंक विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें। दावा प्रक्रिया फसल और नुकसान के प्रकार के अनुसार अलग हो सकती है।
किसान बीमा कराने से पहले अपने जिले की अधिसूचित फसल, बीमित राशि, प्रीमियम और अंतिम तिथि जरूर जांचें। आधिकारिक PMFBY पोर्टल पर प्रीमियम कैलकुलेटर और किसान संबंधी ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नोट: बीमा की अंतिम तिथि, अधिसूचित फसल, बीमित राशि और स्थानीय नियम राज्य/जिले और मौसम के अनुसार बदल सकते हैं, इसलिए पहले संबंधित राज्य की आधिकारिक अधिसूचना जांचना बेहतर रहेगा। PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान दिशानिर्देश और किसान सेवाएं उपलब्ध हैं



