उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना को 23 सितंबर 2026 को शुरू किया गया। योजना का उद्देश्य खासतौर पर लघु और सीमांत किसानों को कृषि एवं उससे जुड़ी जरूरतों के लिए दीर्घकालीन ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना है।
किसानों को क्या मिलेगा?
योजना के तहत पात्र किसानों को 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था बताई गई है। ऋण पर ब्याज दर 6 प्रतिशत रखी गई है। राज्य सरकार की ओर से ब्याज अनुदान का प्रावधान भी बताया गया है, जिसके कारण पात्र और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले किसानों पर ब्याज का बोझ कम हो सकता है।
किन किसानों के लिए महत्वपूर्ण?
योजना मुख्य रूप से लघु और सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। ऋण की वास्तविक स्वीकृति किसान की पात्रता, भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंक के नियम और स्वीकृत कृषि गतिविधि के आधार पर होगी।
किसान क्या करें?
अपनी खसरा-खतौनी और भूमि संबंधी दस्तावेज तैयार रखें।
*नजदीकी संबंधित सहकारी ग्राम विकास बैंक शाखा से योजना की पात्रता और ऋण प्रक्रिया की जानकारी लें।
*ऋण लेने से पहले ब्याज, किस्त, अवधि और अन्य शर्तों को अच्छी तरह समझें।
*केवल अपनी वास्तविक कृषि जरूरत के अनुसार ही ऋण की योजना बनाएं।
किसान ध्यान दें
योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की अंतिम जानकारी के लिए किसान उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक और संबंधित सरकारी पोर्टल/कार्यालय की आधिकारिक सूचना जरूर देखें। योजना से जुड़ी शर्तों में समय के साथ बदलाव हो सकता है।



