खेती में अच्छी फसल के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज का चुनाव बहुत जरूरी है। नकली बीज या घटिया बीज मिलने पर किसान को दोबारा बुवाई, अतिरिक्त लागत और उत्पादन में कमी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए बीज खरीदते समय थोड़ी सावधानी बड़े नुकसान से बचा सकती है।
नकली बीज से कैसे बचें?
किसान बीज खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें—
*बीज हमेशा अधिकृत या भरोसेमंद विक्रेता से खरीदें।
*पैकेट पर किस्म, बैच नंबर, पैकिंग/वैधता संबंधी जानकारी और अन्य निर्धारित विवरण जांचें।
*खुला या बिना उचित लेबल वाला बीज खरीदने से बचें।
*खरीदारी की पक्की रसीद या बिल जरूर लें।
*बीज का पैकेट और बिल फसल की स्थिति स्पष्ट होने तक सुरक्षित रखें।
*बहुत कम कीमत या असामान्य उत्पादन का दावा करने वाले बीजों से सावधान रहें।
प्रस्तावित Seed Act में क्या बदलाव हैं?
केंद्र सरकार ने Seeds Bill, 2025 का मसौदा तैयार किया है, जिसका उद्देश्य मौजूदा Seeds Act, 1966 और Seeds (Control) Order, 1983 की जगह आधुनिक व्यवस्था लाना है। सितंबर 2026 में भी सरकार ने किसान संगठनों के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा की है और बताया है कि कानून को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। इसलिए इसके प्रावधानों को अभी लागू कानून नहीं माना जाना चाहिए।
प्रस्तावित व्यवस्था में बीजों की पंजीकरण व्यवस्था, डिजिटल ट्रेसबिलिटी और QR कोड जैसे उपायों पर जोर दिया गया है। नकली और घटिया बीजों की बिक्री पर सख्त दंड तथा किसानों के लिए क्षतिपूर्ति से जुड़े प्रावधानों पर भी चर्चा की गई है।
किसान अभी क्या करें?
नए कानून के लागू होने का इंतजार किए बिना किसान प्रमाणित स्रोत से बीज खरीदें और बिल सुरक्षित रखें। संदिग्ध बीज मिलने या गुणवत्ता संबंधी समस्या होने पर स्थानीय कृषि विभाग/बीज निरीक्षक से संपर्क किया जा सकता है। मौजूदा कानून के तहत राज्य सरकारों को बीजों के नमूने लेने, बिक्री रोकने, स्टॉक जब्त करने और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई करने की शक्तियां प्राप्त हैं।
निष्कर्ष: सही बीज की खरीद खेती की पहली सुरक्षा है। बिल लेना, पैकेट सुरक्षित रखना और बीज की जानकारी जांचना किसान के लिए बेहद जरूरी सावधानी है।



