उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की 22 अक्टूबर को प्रकाशित जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ICAR-IISR), रायबरेली रोड, लखनऊ में होगा। इसमें कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के शामिल होने की योजना है।
संगोष्ठी का विषय क्या है?
इस वर्ष का मुख्य विषय “उत्पादकता से आगे: उत्तर प्रदेश की कृषि के भविष्य की पुनर्कल्पना” है। इसमें जलवायु के अनुकूल खेती, डिजिटल कृषि, फसल अवशेष प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, पशुधन विकास और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को बाजार से जोड़ने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में शोध प्रकाशनों के विमोचन और कृषि वैज्ञानिकों व प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किए जाने की भी जानकारी दी गई है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन?
कृषि अनुसंधान का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए नई तकनीकों की जानकारी और उनका स्थानीय परिस्थितियों में परीक्षण जरूरी है। संगोष्ठी में डिजिटल सलाह, फसल अवशेषों के प्रबंधन, मिट्टी-पानी के बेहतर उपयोग और फसल किस्मों में सुधार पर होने वाली चर्चा किसानों के लिए उपयोगी हो सकती है।
परिषद ने पराली प्रबंधन के लिए ‘हेलोकेयर’ नामक जैव-आधारित फॉर्मूलेशन सहित कुछ शोध कार्यों का उल्लेख किया है। हालांकि, किसान किसी उत्पाद या तकनीक को अपनाने से पहले उसकी आधिकारिक सिफारिश, उपलब्धता, उपयोग-विधि और अपने खेत के लिए उपयुक्तता की पुष्टि कृषि विशेषज्ञ या कृषि विज्ञान केंद्र से करें। किसी शोध के परिणाम हर खेत में समान हों, यह जरूरी नहीं है।
किसान जानकारी कहां देखें?
कार्यक्रम और कृषि अनुसंधान से जुड़ी सूचनाओं के लिए किसान उपकार की आधिकारिक वेबसाइट तथा राज्य कृषि विभाग के अपडेट देख सकते हैं।
स्रोत: उत्तर प्रदेश सरकार का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग; उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद से संबंधित प्रकाशित जानकारी।



