उत्तर प्रदेश में लहसुन और प्याज की खेती को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग के माध्यम से सहायता दी जा रही है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत पात्र अनुसूचित जाति के किसानों को लहसुन-प्याज के बीज पर ₹24,000 तक की सहायता मिलने की जानकारी दी गई है। हालांकि, वास्तविक लाभ जिले के लक्ष्य, पात्रता और विभागीय नियमों पर निर्भर करेगा।
कौन किसान आवेदन कर सकते हैं?
योजना के तहत मुख्य रूप से अनुसूचित जाति के किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। आवेदन से पहले किसान अपने जिले के उद्यान विभाग से खेती के लिए निर्धारित क्षेत्रफल, उपलब्ध बीज, अनुदान की राशि और चयन प्रक्रिया की पुष्टि करें। केवल आवेदन करने से सहायता मिलने की गारंटी नहीं होती।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
1. उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट uphorticulture.in खोलें।
2. लहसुन-प्याज की खेती और एकीकृत बागवानी विकास मिशन से संबंधित योजना देखें।
3. आवेदन का विकल्प उपलब्ध होने पर पात्रता और शर्तें पढ़कर फॉर्म भरें।
4. मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन जमा करें।
5. आवेदन संख्या या रसीद सुरक्षित रखें।
कौन-से दस्तावेज तैयार रखें?
किसानों को आधार कार्ड, भूमि अभिलेख या खतौनी, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और फोटो की जरूरत पड़ सकती है। अनुसूचित जाति के किसानों से जाति प्रमाणपत्र भी मांगा जा सकता है। अंतिम सूची संबंधित पोर्टल या जिला उद्यान कार्यालय से जांचें।
आवेदन से पहले ये बातें जानें
कुछ जिलों में बीज वितरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर हो सकता है, जबकि अन्य जगह विभागीय सत्यापन या निर्धारित लक्ष्य के अनुसार चयन किया जा सकता है। इसलिए आवेदन की अंतिम तारीख और उपलब्धता की जानकारी जिला उद्यान अधिकारी से लें।
किसानों के लिए सलाह: योजना की पुष्टि किए बिना किसी एजेंट को पैसे न दें और अनुदान को निश्चित नकद भुगतान न समझें।
स्रोत: उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग और योजना संबंधी उपलब्ध समाचार रिपोर्टें।



