सरसों की अच्छी बढ़वार के लिए शुरुआती अवस्था में खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान देना जरूरी है। खेत में उगने वाले अनचाहे पौधे सरसों के साथ पानी, पोषक तत्व, धूप और जगह के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। समय पर नियंत्रण न होने पर फसल की बढ़वार और उपज प्रभावित हो सकती है।
खरपतवार नियंत्रण क्यों जरूरी है?
*पानी और पोषण की बचत: खरपतवार मिट्टी की नमी और उपलब्ध पोषक तत्वों का उपयोग करते हैं।
*बेहतर बढ़वार: खरपतवार कम होने पर सरसों के पौधों को प्रकाश और बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है।
*उपज की सुरक्षा: शुरुआती अवस्था में खरपतवारों की प्रतिस्पर्धा कम करने से फसल को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलती है।
*अगले मौसम में रोकथाम: खरपतवारों को बीज बनने से पहले हटाने से खेत में उनका बीज फैलना कम किया जा सकता है।
सरसों में निराई-गुड़ाई कब करें?
ICAR के एक कृषि प्रकाशन के अनुसार, बुवाई के बाद शुरुआती 45–60 दिन खरपतवार प्रतिस्पर्धा की महत्वपूर्ण अवधि हो सकती है। इसमें लगभग 15–20 और 35–40 दिन बाद निराई-गुड़ाई का उल्लेख है। ये समय हर खेत के लिए निश्चित नियम नहीं हैं; खरपतवार की स्थिति और फसल की बढ़वार देखकर निर्णय लें।
1.खेत का नियमित निरीक्षण करें और खरपतवार पहचानें।
2.जरूरत के अनुसार खुरपी या उपयुक्त यंत्र से निराई-गुड़ाई करें।
3.काम करते समय सरसों की जड़ों और पौधों को नुकसान न पहुँचाएँ।
4.रासायनिक खरपतवारनाशी केवल सरसों और संबंधित खरपतवार के लिए स्वीकृत लेबल निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल करें। मात्रा और छिड़काव का समय अनुमान से तय न करें।
किसानों के लिए सलाह: यदि खरपतवार की पहचान या नियंत्रण के तरीके को लेकर संदेह हो, तो नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें। समय पर निगरानी और उचित नियंत्रण सरसों की फसल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।



