खेत की तैयारी में सही कृषि यंत्र चुनने से समय और डीजल का खर्च नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। रोटावेटर, कल्टीवेटर और डिस्क हैरो तीनों मिट्टी तैयार करने के काम आते हैं, लेकिन इनकी कार्यप्रणाली और उपयोग अलग-अलग हैं। सही चुनाव खेत की मिट्टी, फसल के अवशेष और अगली बुवाई की जरूरत के अनुसार करना चाहिए।
1. रोटावेटर: मिट्टी को भुरभुरा बनाने में उपयोगी
रोटावेटर ट्रैक्टर के PTO से चलने वाले घूमते ब्लेड की मदद से मिट्टी काटता और मिलाता है। इसका उपयोग ढेले तोड़ने, फसल अवशेष मिलाने और बुवाई के लिए मिट्टी तैयार करने में किया जाता है। यह कम समय में बारीक बीजशैया तैयार कर सकता है, लेकिन हर फसल के लिए बहुत बारीक मिट्टी जरूरी नहीं होती।
2. कल्टीवेटर: मिट्टी ढीली करने और खरपतवार हटाने के लिए
कल्टीवेटर में दांत या टाइन लगे होते हैं, जो मिट्टी को काटकर ढीला करते हैं। इसका इस्तेमाल जुताई के बाद खेत तैयार करने और उपयुक्त फसलों में कतारों के बीच खरपतवार हटाने के लिए किया जा सकता है। इसकी कार्य-गहराई और दांतों की बनावट के अनुसार परिणाम बदलते हैं।
3. डिस्क हैरो: ढेले तोड़ने और मिट्टी तैयार करने के लिए
डिस्क हैरो में गोल, अवतल धातु की डिस्क लगी होती हैं। ये मिट्टी काटने, ढेले तोड़ने और फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने में मदद करती हैं। इसका उपयोग प्राथमिक जुताई के बाद या खेत की स्थिति के अनुसार अन्य जुताई कार्यों में किया जाता है।
डीजल की खपत किसमें कम होती है?
किसी एक यंत्र को हर परिस्थिति में सबसे कम डीजल खर्च करने वाला कहना सही नहीं है। खपत ट्रैक्टर की क्षमता, मिट्टी के प्रकार और नमी, यंत्र की चौड़ाई, काम की गहराई तथा चक्करों की संख्या पर निर्भर करती है। खेत तैयार करने से पहले जरूरी काम तय करें और अनावश्यक चक्कर लगाने से बचें।
बार-बार जुताई से मिट्टी पर क्या असर पड़ता है?
जरूरत से ज्यादा जुताई मिट्टी की संरचना बिगाड़ सकती है और सतह को अत्यधिक भुरभुरा बना सकती है। लगातार एक ही गहराई पर जुताई करने से कुछ परिस्थितियों में नीचे कठोर परत बनने का जोखिम भी रहता है। गीली मिट्टी में भारी मशीन चलाने से मिट्टी दब सकती है।
किसानों के लिए जरूरी सुझाव
*रोटावेटर का उपयोग तभी करें जब फसल और मिट्टी के लिए बारीक बीजशैया जरूरी हो।
*मिट्टी ढीली करने या खरपतवार हटाने के लिए कल्टीवेटर की उपयोगिता जांचें।
*ढेले तोड़ने और खेत तैयार करने के लिए डिस्क हैरो पर विचार करें।
*मिट्टी बहुत गीली होने पर जुताई से बचें।
*यंत्र चुनने से पहले ट्रैक्टर की हॉर्सपावर और निर्माता की सिफारिश जांचें।
निष्कर्ष: सही यंत्र वही है जो खेत की जरूरत पूरी करे और अनावश्यक जुताई से बचाए। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ से अपने खेत के अनुसार सलाह लें।



