उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड में कृषि उपज के भंडारण की क्षमता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है। 27 अक्टूबर को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में झांसी और ललितपुर जिलों में भंडारगृह बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम को निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
झांसी और ललितपुर में कितनी होगी क्षमता?
सरकारी निर्णय के अनुसार, झांसी में लगभग 30,000 मीट्रिक टन और ललितपुर में 35,000 मीट्रिक टन क्षमता के भंडारगृह प्रस्तावित हैं। दोनों जिलों को मिलाकर कुल 65,000 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना है।
झांसी की तहसील झांसी के मौजा परवई में 4.2540 हेक्टेयर और ललितपुर के ग्राम घटवार में 5.479 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इन गोदामों में दलहन, तिलहन, श्री अन्न यानी ज्वार-बाजरा और अन्य कृषि उपज के भंडारण की व्यवस्था प्रस्तावित है।
किसानों को कैसे होगा फायदा?
बुंदेलखंड में अनियमित वर्षा, सूखे और बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण किसानों को फसल बेचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पर्याप्त भंडारण सुविधा उपलब्ध होने पर उपज को सुरक्षित रखने और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बिक्री की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
वैज्ञानिक भंडारण से अनाज की गुणवत्ता बनाए रखने और भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में भी सहायता मिल सकती है। गोदामों के निर्माण और संचालन से परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग तथा रखरखाव जैसे कामों में स्थानीय रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
किसानों के लिए जरूरी बात: यह मंजूरी भूमि उपलब्ध कराने और प्रस्तावित भंडारण क्षमता से संबंधित है। गोदामों के निर्माण की समयसीमा, संचालन शुरू होने की तारीख और किसानों के लिए भंडारण शुल्क की जानकारी इस निर्णय में नहीं दी गई है। बेहतर भाव मिलना भी बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।



