लखनऊ में 1 नवंबर 2026 को मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर आयोजित करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी देने और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाना है। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत प्रस्तावित है।
किन लोगों को मिल सकती है सहायता?
शिविर में गरीब और वंचित परिवारों, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पात्र लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और लोक अदालत से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
किन विभागों की सेवाएं उपलब्ध हो सकती हैं?
प्रस्तावित शिविर में कृषि, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, श्रम, राजस्व, शिक्षा, पशुपालन, मत्स्य पालन और दिव्यांगजन सशक्तिकरण जैसे विभागों की भागीदारी की जानकारी दी गई है। बैंकिंग संस्थाओं के माध्यम से ऋण और बीमा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी मिल सकती है। किसी योजना का लाभ संबंधित पात्रता, दस्तावेजों और विभागीय नियमों के अनुसार ही मिलेगा।
जाने से पहले ये दस्तावेज तैयार रखें
आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक और संबंधित योजना के दस्तावेज उपलब्ध हों तो साथ रखें। सभी दस्तावेज हर सेवा के लिए जरूरी नहीं होते, इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी लें।
जरूरी सूचना: शिविर में जाने से पहले आयोजन का सटीक स्थान, समय और उपलब्ध सेवाओं की पुष्टि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से करें। निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी देख सकते हैं।
स्रोत: उत्तर प्रदेश सरकार का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग; उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण।



