केंद्र सरकार का देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान–रबी 2026’ आज 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसका उद्देश्य मिट्टी की सेहत सुधारना, कृषि संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और किसानों को टिकाऊ खेती के तरीकों के प्रति जागरूक करना है।
अभियान में किन विषयों पर रहेगा जोर?
सरकार के अनुसार, अभियान के तहत लगभग एक करोड़ लोगों तक पहुँचने का लक्ष्य है। कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (ATMA) की 4,150 संयुक्त टीमों के माध्यम से किसान चौपाल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और खेतों में प्रदर्शन आयोजित करने की योजना है।
किसानों को मिट्टी की जाँच के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग, फसल अवशेष प्रबंधन, जल संरक्षण और एकीकृत कीट प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों को फसल चक्र में शामिल करने तथा प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने पर भी जोर रहेगा। किसान पहचान पत्र (Farmer ID), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी सुविधाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
किसान अभियान से कैसे जुड़ें?
किसान अपने गाँव की किसान चौपाल, नजदीकी KVK या ब्लॉक कृषि कार्यालय से कार्यक्रम की तारीख और स्थान पूछ सकते हैं। स्थानीय कृषि विभाग और ATMA टीम से संपर्क करके प्रशिक्षण तथा खेत प्रदर्शन में भाग लेने की जानकारी लें।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
खाद की मात्रा मिट्टी की जाँच और फसल की जरूरत के अनुसार तय करें। धान कटाई के बाद अगली फसल चुनने से पहले मिट्टी में उपलब्ध नमी, सिंचाई और स्थानीय मौसम पर विचार करें। पराली जलाने के बजाय उपयुक्त प्रबंधन विकल्पों की जानकारी लें।
ध्यान दें: अभियान में भाग लेने से किसी योजना का अनुदान या लाभ अपने-आप सुनिश्चित नहीं होता। पात्रता और आवेदन की शर्तें संबंधित योजना के नियमों पर निर्भर करेंगी।



