मिट्टी में पोषक तत्वों की सही स्थिति जाने बिना खाद डालने से फसल की जरूरत पूरी न होने या उर्वरक का अनुचित उपयोग होने की आशंका रहती है। इसलिए किसानों के लिए मिट्टी की जांच कराना उपयोगी है। आज डिजिटल मिट्टी जांच उपकरण और प्रयोगशाला में होने वाली जांच, दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। लेकिन इनके उपयोग और क्षमताओं को समझना जरूरी है।
डिजिटल मिट्टी जांच उपकरण कैसे काम करते हैं?
डिजिटल उपकरणों में मिट्टी के नमूने की जांच विशेष रसायनों, सेंसर या निर्धारित परीक्षण प्रक्रिया की मदद से की जाती है। उदाहरण के लिए, ICAR-IARI का Pusa STFR Meter पीएच (pH), विद्युत चालकता (EC), जैविक कार्बन और कई पोषक तत्वों सहित 14 मानकों का विश्लेषण कर सकता है। यह फसल के अनुसार उर्वरक संबंधी सुझाव देने में भी मदद करता है। हालांकि, हर डिजिटल उपकरण में ये सभी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं।
प्रयोगशाला में मिट्टी जांच के क्या फायदे हैं?
सरकारी या मान्यता प्राप्त मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं में निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार नमूनों का विश्लेषण किया जाता है। Soil Health Card में सामान्यतः नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश, सल्फर, सूक्ष्म पोषक तत्व, पीएच, विद्युत चालकता और जैविक कार्बन जैसे 12 मानकों की जानकारी दी जाती है। इसके आधार पर खेत के लिए उर्वरक और मिट्टी सुधार संबंधी सिफारिशें मिल सकती हैं।
किसान कौन-सा विकल्प चुनें?
*जल्दी जांच या खेत के पास सुविधा: प्रशिक्षित ऑपरेटर और उपयुक्त डिजिटल उपकरण उपयोगी हो सकते हैं।
*उर्वरक की मात्रा तय करने के लिए: जांच रिपोर्ट के साथ फसल और मिट्टी के अनुसार दी गई सिफारिशों को समझें।
*रिपोर्ट पर संदेह होने पर: सरकारी या पंजीकृत मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला से पुष्टि कराएं।
मिट्टी का नमूना लेते समय सावधानी
नमूना लेने का तरीका परिणाम को प्रभावित कर सकता है। सामान्य खेत में प्रशिक्षित व्यक्ति की मदद से अलग-अलग उपयुक्त स्थानों से मिट्टी लेकर अच्छी तरह मिलाई जाती है। सरकारी Soil Health Card मार्गदर्शन में सामान्यतः 15–20 सेंटीमीटर गहराई से नमूना लेने की प्रक्रिया बताई गई है। खेत के असामान्य हिस्सों, खाद के ढेर या हाल में खाद डाली गई जगह से नमूना लेने से बचें और स्थानीय निर्देशों का पालन करें।
निष्कर्ष: डिजिटल उपकरण और प्रयोगशाला जांच एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। किसान उपकरण की जांच क्षमता, ऑपरेटर के प्रशिक्षण और रिपोर्ट की विश्वसनीयता देखकर विकल्प चुनें। खाद की मात्रा केवल अनुमान से नहीं, बल्कि मिट्टी जांच और कृषि विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर तय करें।
स्रोत: ICAR-IARI की Pusa STFR Meter तकनीक, भारत सरकार का Soil Health Card पोर्टल और National Portal of India की मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला खोज सेवा।



