- Advertisement -Newspaper WordPress Theme
कृषि उपजदालदलहन फसलों की खेती: प्रमुख किस्में, सही समय और किसानों के फायदे

दलहन फसलों की खेती: प्रमुख किस्में, सही समय और किसानों के फायदे

दलहन फसलें: कम लागत में बेहतर आमदनी का जरिया

दलहन फसलें भारतीय कृषि में बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये किसानों को आमदनी का अच्छा स्रोत देने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद करती हैं। प्रमुख दलहन फसलों में चना, अरहर, मसूर, मूंग, उड़द और मटर शामिल हैं।

🌱 प्रमुख दलहन और खेती का समय
चना: अक्टूबर-नवंबर में बुवाई, रबी की प्रमुख फसल।
मसूर: अक्टूबर-नवंबर में बुवाई, ठंडे मौसम में अच्छी पैदावार।
मटर: अक्टूबर-नवंबर में बुवाई, सिंचित क्षेत्रों में बेहतर उत्पादन।
अरहर: जून-जुलाई में बुवाई, खरीफ की प्रमुख दलहन फसल।
मूंग: खरीफ के साथ-साथ गर्मी में भी उगाई जा सकती है।
उड़द: खरीफ मौसम में इसकी खेती अधिक की जाती है।
🚜 बेहतर उत्पादन के लिए क्या करें?

दलहन के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का चयन करें। प्रमाणित और रोगमुक्त बीजों का इस्तेमाल, समय पर बुवाई, संतुलित खाद-उर्वरक, जरूरत के अनुसार सिंचाई और खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें।

💰 किसानों को फायदे

दलहन की बाजार में लगातार मांग रहती है। इन फसलों की खेती से किसानों को अतिरिक्त आमदनी, फसल विविधीकरण का लाभ और मिट्टी में नाइट्रोजन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। फसल चक्र में दलहन शामिल करने से अगली फसल के लिए मिट्टी की सेहत बेहतर रखने में भी सहायता मिलती है।

Subscribe Today

GET EXCLUSIVE FULL ACCESS TO PREMIUM CONTENT

SUPPORT NONPROFIT JOURNALISM

EXPERT ANALYSIS OF AND EMERGING TRENDS IN CHILD WELFARE AND JUVENILE JUSTICE

TOPICAL VIDEO WEBINARS

Get unlimited access to our EXCLUSIVE Content and our archive of subscriber stories.

Exclusive content

- Advertisement -Newspaper WordPress Theme

Latest article

More article

- Advertisement -Newspaper WordPress Theme