बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब को लेकर पूर्वी तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 26 अक्टूबर 2026 के बुलेटिन के अनुसार, तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यानम तट पार करने की संभावना है। तट के पास हवा की रफ्तार 115–125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
किन क्षेत्रों में असर पड़ सकता है?
आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं चल सकती हैं। IMD ने काकीनाडा के आसपास और यानम के निचले इलाकों में समुद्री जलस्तर बढ़ने से जलभराव का खतरा भी बताया है। मौसम का वास्तविक असर तूफान की दिशा और तीव्रता पर निर्भर करेगा।
किसानों और मछुआरों को क्या करना चाहिए?
*खेतों में कटी फसल और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
*सब्जियों, नर्सरी और छोटे पौधों को तेज हवा से बचाने की व्यवस्था करें।
*खेतों में जल निकासी की नालियां साफ रखें, ताकि पानी जमा होने का खतरा घटे।
*मछुआरे समुद्र में जाने से संबंधित IMD और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
*तटीय इलाकों के लोग आधिकारिक चेतावनी मिलने पर सुरक्षित स्थान या राहत केंद्र की ओर जाएं।
मौसम अपडेट कहां देखें?
किसान और ग्रामीण IMD की आधिकारिक वेबसाइट पर ताजा बुलेटिन और जिलेवार चेतावनियां देखें। पुराने पूर्वानुमान के आधार पर जोखिम न लें; मौसम संबंधी निर्देश बदल सकते हैं।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), 26 अक्टूबर 2026 के तटीय मौसम बुलेटिन।



