भारत में डिजिटल कृषि मिशन के तहत 11 करोड़ Farmer ID बनाने का लक्ष्य निर्धारित समय से करीब पांच महीने पहले पूरा कर लिया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की 24 अक्टूबर 2026 की जानकारी के अनुसार, यह उपलब्धि 23 अक्टूबर की रात हासिल हुई। इसका उद्देश्य किसानों की डिजिटल पहचान के जरिए कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान बनाना है।
Farmer ID क्या है?
Farmer ID किसान की विशिष्ट डिजिटल पहचान है, जिसे राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों की Farmer Registry के माध्यम से तैयार किया जाता है। इसमें किसान की पहचान और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी का उपयोग किया जाता है। यह व्यवस्था डिजिटल कृषि मिशन के तहत AgriStack का हिस्सा है।
किसानों को क्या फायदे मिल सकते हैं?
1. सरकारी योजनाएं: PM-KISAN जैसी योजनाओं में किसान की पहचान और रिकॉर्ड के सत्यापन में मदद मिल सकती है।
2. बैंक ऋण और KCC: किसान क्रेडिट कार्ड तथा कृषि ऋण के आवेदन में बार-बार दस्तावेज देने और सत्यापन की जरूरत कम हो सकती है।
3. फसल बीमा और आपदा राहत: सत्यापित भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी से पात्र किसानों के दावों और सहायता वितरण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है।
4. MSP पर खरीद: किसान और फसल के रिकॉर्ड के सत्यापन से सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने तथा अनावश्यक कागजी कार्रवाई कम करने में मदद मिल सकती है।
Farmer ID कैसे बनवाएं?
जिन किसानों की पहचान अभी नहीं बनी है, वे अपने राज्य के कृषि विभाग, अधिकृत पंजीकरण केंद्र या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से प्रक्रिया पूछ सकते हैं। भूमि रिकॉर्ड या व्यक्तिगत विवरण में गलती हो तो संबंधित विभाग से सुधार की जानकारी लें।
किसानों के लिए जरूरी बात: Farmer ID बन जाने से किसी योजना का लाभ स्वतः मंजूर नहीं होता। पात्रता, दस्तावेज और संबंधित योजना के नियम लागू रहेंगे।



