किसानों की सिंचाई लागत घटाने और खेती में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) चला रही है। योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के साथ कृषि क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ाना है। इसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) लागू करता है।
योजना में क्या मिलता है?
PM-KUSUM मुख्य रूप से तीन हिस्सों में काम करती है। घटक-A के तहत किसानों, किसान समूहों, FPO, पंचायतों और अन्य पात्र संस्थाओं को विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का अवसर मिलता है। घटक-B में ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में स्टैंडअलोन सौर कृषि पंप लगाने के लिए सहायता दी जाती है। वहीं घटक-C के तहत ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सौरीकरण किया जाता है।
स्टैंडअलोन सोलर पंप के लिए सामान्य राज्यों में केंद्र सरकार की ओर से पात्र लागत का 30% तक केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) और राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30% सहायता का प्रावधान है। शेष राशि किसान को स्वयं या बैंक ऋण के माध्यम से वहन करनी होती है।
किसानों को कितना लाभ मिला?
PIB के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक PM-KUSUM से देशभर में 21.77 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए थे।
किसान ध्यान रखें कि आवेदन, पात्रता, उपलब्ध पंप क्षमता और सब्सिडी की वास्तविक राशि राज्य के नियमों तथा संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी पर निर्भर करती है। इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी जरूर जांचें।



