किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana) शुरू की है। इस योजना को केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित किया गया था और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को मंजूरी दी। योजना की शुरुआत 11 अक्टूबर 2025 को हुई। इसे छह वर्षों के लिए लागू किया जा रहा है।
100 कृषि जिलों पर विशेष फोकस
इस योजना के तहत देश के 100 कम कृषि-प्रदर्शन वाले जिलों को चुना गया है। जिलों का चयन कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और संस्थागत कृषि ऋण के अपेक्षाकृत कम वितरण जैसे मानकों के आधार पर किया गया है। योजना से करीब 1.7 करोड़ किसानों को सीधे लाभ मिलने का अनुमान है।
किसानों को क्या फायदा होगा?
योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देना, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, पंचायत व ब्लॉक स्तर पर फसल कटाई के बाद भंडारण बढ़ाना तथा किसानों को अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऋण की उपलब्धता बेहतर करना है।
कैसे लागू होगी योजना?
यह कोई अलग-अलग नई सब्सिडी योजना नहीं है। इसके तहत 11 मंत्रालयों की 36 मौजूदा योजनाओं को एक साथ जोड़कर बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा। राज्य सरकार की योजनाओं और स्थानीय स्तर पर निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। योजना का वार्षिक परिव्यय ₹24,000 करोड़ है।
निष्कर्ष: PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana का लक्ष्य चयनित जिलों में खेती को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और सुविधासंपन्न बनाना है, ताकि किसानों को कृषि से जुड़ी योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से मिल सके।



