वर्मीकम्पोस्ट: मिट्टी की सेहत सुधारने वाली प्राकृतिक खाद
खेती में बढ़ती लागत के बीच वर्मीकम्पोस्ट यानी केंचुआ खाद किसानों के लिए उपयोगी जैविक विकल्प बन रही है। इसे केंचुओं की मदद से गोबर, पत्तियों और दूसरे जैविक अवशेषों को सड़ाकर तैयार किया जाता है। इससे खेत के जैविक कचरे का उपयोगी खाद में रूपांतरण भी हो जाता है।
वर्मीकम्पोस्ट में पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्वों के साथ लाभकारी सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल मिट्टी की संरचना, नमी धारण क्षमता और पोषक तत्वों की उपलब्धता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
किसान इसे खेत की फसल, सब्जियों, फलदार पौधों और बागवानी में जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं। अच्छी गुणवत्ता की वर्मीकम्पोस्ट तैयार करने के लिए जैविक सामग्री, पर्याप्त नमी और उचित देखभाल जरूरी है।
यानी वर्मीकम्पोस्ट खेती में ‘कचरे से खाद और खाद से बेहतर मिट्टी’ का आसान तरीका बन सकती है।



