भारत में कृषि ट्रैक्टरों और अन्य कृषि मशीनरी के इंजन से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए TREM (Tractor Emission) Emission Norms लागू किए जाते हैं। 2026 में TREM-V को लेकर बदलाव चर्चा में हैं और संशोधित व्यवस्था में कुछ इंजन पावर कैटेगरी के लिए 1 अक्टूबर 2026 से TREM-V मानक लागू होने की तारीख निर्धारित की गई है।
TREM-V क्या है?
TREM-V कृषि ट्रैक्टरों के इंजन से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों को नियंत्रित करने वाला अधिक सख्त उत्सर्जन मानक है। इसका उद्देश्य ट्रैक्टरों को बेहतर emission control technology के अनुरूप बनाना है।
हालांकि, सभी पावर कैटेगरी के लिए एक जैसी तारीख नहीं है। संशोधित नियमों के अनुसार 56 kW से ऊपर की कई कैटेगरी में 1 अक्टूबर 2026 से TREM-V लागू होने का प्रावधान है, जबकि कुछ अन्य पावर कैटेगरी के लिए अलग समयसीमा रखी गई है।
नया ट्रैक्टर खरीदते समय किसान क्या देखें?
ट्रैक्टर खरीदते समय केवल HP, कीमत और माइलेज पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। किसान इन बातों की भी जांच करें:
*संबंधित मॉडल का TREM emission compliance
*इंजन की power category और specification
*निर्माता का conformance documentation
*warranty और service network
*spare parts की उपलब्धता
*service interval और maintenance cost
*अधिकृत dealer से खरीद
क्या कीमत बढ़ सकती है?
नए emission-control components और तकनीक से कुछ मॉडलों की लागत प्रभावित हो सकती है, लेकिन हर ट्रैक्टर की कीमत समान रूप से बढ़ेगी, ऐसा मानना सही नहीं है। कीमत मॉडल, इंजन क्षमता, तकनीक और बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष: नया ट्रैक्टर खरीदने से पहले किसान निर्माता की नवीनतम specification और TREM-V compliance की पुष्टि अधिकृत dealer से जरूर करें।



