PACS Farmers Rural Economy
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तक कृषि और वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में Primary Agricultural Credit Societies (PACS) यानी प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। PACS पारंपरिक रूप से अल्पकालिक सहकारी कृषि ऋण व्यवस्था की जमीनी इकाई रही हैं। अब इन्हें केवल ऋण देने वाली संस्था तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
PACS में किसानों के लिए क्या बदल रहा है?
सरकार के Model Bye-laws के तहत PACS को 25 से अधिक प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां करने में सक्षम बनाया गया है। इनमें कृषि इनपुट, भंडारण, डिजिटल सेवाएं और अन्य ग्रामीण सेवाओं से जुड़ी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। हालांकि हर PACS में सभी सुविधाएं उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है। स्थानीय स्तर पर इसकी पुष्टि करनी चाहिए।
सरकारी जानकारी के अनुसार जून 2026 तक 39,177 PACS प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK) के रूप में काम कर रहे थे और 54,117 PACS Common Service Centres (CSCs) के रूप में कार्यरत थे।
PACS के कंप्यूटरीकरण से क्या फायदा?
PACS के कंप्यूटरीकरण के लिए सरकार ने संशोधित रूप से ₹2,925.39 करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय वाली परियोजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य कार्यरत PACS को ERP आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर से जोड़ना है। इससे रिकॉर्ड प्रबंधन, संचालन, पारदर्शिता और सेवा वितरण को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
किसानों को PACS से क्या जानकारी लेनी चाहिए?
किसान अपनी स्थानीय PACS से उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ले सकते हैं—
*कृषि ऋण और उसकी पात्रता।
*खाद, बीज या अन्य कृषि इनपुट की उपलब्धता।
*भंडारण और कृषि सेवा संबंधी सुविधाएं।
*डिजिटल एवं CSC सेवाएं, जहां उपलब्ध हों।
*स्थानीय सहकारी विपणन या अन्य कृषि गतिविधियां।
ऋण लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
PACS से ऋण लेने से पहले ब्याज दर, ऋण अवधि, पुनर्भुगतान की तारीख, सुरक्षा/गारंटी, शुल्क और अन्य शर्तों को अच्छी तरह समझें। PACS का सदस्य होने मात्र से किसी किसान को स्वतः ऋण या सब्सिडी मिलने की गारंटी नहीं होती। संबंधित योजना और सहकारी संस्था के नियमों के अनुसार पात्रता तय होती है।
किसान के लिए जरूरी सलाह
अपने गांव की PACS में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी सीधे संस्था या संबंधित सहकारी विभाग से लें। किसी भी ऋण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी सभी शर्तें पढ़ें और आवश्यक होने पर बैंक या सहकारी विभाग के अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त करें।
निष्कर्ष: PACS की भूमिका अब कृषि ऋण के साथ-साथ इनपुट, भंडारण और डिजिटल जैसी ग्रामीण सेवाओं तक बढ़ाई जा रही है। किसानों के लिए वास्तविक लाभ उनकी स्थानीय PACS में उपलब्ध सुविधाओं और पात्रता पर निर्भर करेगा।



