मिर्च सिर्फ खाने का स्वाद और तीखापन बढ़ाने वाली फसल नहीं है। हरी मिर्च, सूखी लाल मिर्च और मसाला उद्योग में इसकी लगातार मांग रहती है। सितंबर में खेती का सही समय क्षेत्र और किस्म के अनुसार बदल सकता है, इसलिए स्थानीय कृषि सलाह को प्राथमिकता दें।
🌱 पौध और दूरी
स्वस्थ व रोगमुक्त पौध चुनें। सामान्य परिस्थितियों में लगभग 60–75 सेमी कतार दूरी और 45 सेमी पौधे की दूरी रखी जा सकती है, लेकिन अंतिम दूरी किस्म और स्थानीय सिफारिश के अनुसार तय करें। खेत में पानी रुकने न दें।
🌿 खाद और देखभाल
सड़ी गोबर की खाद खेत तैयार करते समय मिलाई जा सकती है। रासायनिक खाद की मात्रा मिट्टी जांच और स्थानीय कृषि सलाह के अनुसार रखें। कुछ ICAR अनुशंसाओं में नाइट्रोजन को अलग-अलग चरणों में देने की सलाह दी गई है।
रोपाई के बाद नमी, खरपतवार और कीट-रोगों की नियमित निगरानी करें। समस्या की पुष्टि किए बिना दवा का इस्तेमाल न करें।
🌶️ उपभोक्ताओं के लिए क्यों खास?
मिर्च में विटामिन C सहित पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मौजूद कैप्साइसिन इसकी तीखापन पैदा करने वाला प्रमुख यौगिक है। कैप्साइसिन और अन्य प्राकृतिक यौगिक मिर्च को खाद्य विज्ञान में भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।
💰 किसान के लिए अवसर
हरी या सूखी मिर्च की बिक्री के लिए स्थानीय मंडी, खरीदार और मांग पहले समझें। सही पौध + उचित दूरी + संतुलित पोषण + नियमित निगरानी + बाजार योजना खेती को बेहतर बना सकती है।



