- Advertisement -Newspaper WordPress Theme
फल-फूल और सब्जीसब्जियों की खेतीहरी मिर्च की खेती में ये 7 बातें रखें याद, बीज से...

हरी मिर्च की खेती में ये 7 बातें रखें याद, बीज से तुड़ाई तक ऐसे संभालें फसल

हरी मिर्च की मांग सब्जी मंडियों से लेकर होटल और खाद्य प्रसंस्करण तक बनी रहती है। लेकिन अच्छी फसल के लिए केवल बीज डालना पर्याप्त नहीं है। बीज का चुनाव, स्वस्थ पौध, सही दूरी, सिंचाई, पोषण और समय पर कीट-रोग नियंत्रण पर ध्यान देना जरूरी है। किसान यदि शुरुआत से खेत की निगरानी रखें तो कई समस्याओं को बढ़ने से पहले रोका जा सकता है।

1. बीज का चुनाव और नर्सरी

अपने क्षेत्र की जलवायु और बाजार की मांग के अनुसार प्रमाणित बीज या भरोसेमंद स्रोत से पौध सामग्री लें। मिर्च की कई उन्नत किस्में उपलब्ध हैं। उदाहरण के लिए ICAR की सूची में Arka Tejasvi जैसी किस्म शामिल है, जिसे लीफ कर्ल वायरस के प्रति प्रतिरोधी बताया गया है। हालांकि हर किस्म हर क्षेत्र के लिए उपयुक्त नहीं होती, इसलिए स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह उपयोगी रहती है।

नर्सरी के लिए पानी निकास वाली जगह चुनें। कमजोर, पीले या रोगग्रस्त पौधों को खेत में न लगाएं। ICAR की सलाह के अनुसार मिर्च की खेती में बीज उपचार और स्वस्थ पौध तैयार करना शुरुआती प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

2. खेत तैयार करते समय रखें जल निकास का ध्यान

मिर्च के खेत में लंबे समय तक पानी जमा रहना नुकसानदायक हो सकता है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में raised bed और furrow पद्धति अपनाने से जलभराव का जोखिम कम किया जा सकता है। खेत की मिट्टी की जांच के आधार पर खाद और उर्वरक की मात्रा तय करना बेहतर है।

3. पौधे से पौधे की दूरी कितनी रखें?

सिंचित परिस्थितियों में लगभग 75 × 45 सेंटीमीटर की दूरी अपनाई जा सकती है। वर्षा आधारित खेती में लगभग 90 × 90 सेंटीमीटर दूरी की सलाह दी गई है। हालांकि किस्म, मिट्टी और स्थानीय खेती पद्धति के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।

4. सिंचाई और खाद का सही प्रबंधन

मिर्च में मिट्टी को बहुत ज्यादा सूखने या लगातार गीला रहने से बचाना चाहिए। सिंचाई का अंतर मिट्टी के प्रकार और मौसम के अनुसार रखें। ICAR की सलाह में अलग-अलग मिट्टी के अनुसार सिंचाई अंतराल अलग बताया गया है।

उर्वरक की मात्रा soil test और स्थानीय सिफारिश के आधार पर तय करें। जरूरत से ज्यादा नाइट्रोजन देने के बजाय संतुलित पोषण पर ध्यान दें।

5. मिर्च के प्रमुख रोग

मिर्च में लीफ कर्ल/मुरड़ा कॉम्प्लेक्स, एन्थ्रेक्नोज, पाउडरी मिल्ड्यू और अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट जैसी समस्याएं आ सकती हैं।

लीफ कर्ल में पत्तियां सिकुड़ने, पौधे की वृद्धि रुकने और फल उत्पादन प्रभावित होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सफेद मक्खी जैसे वाहक कीटों की निगरानी इसलिए जरूरी है। रोगग्रस्त पौधों को खेत में छोड़ने के बजाय उचित तरीके से हटाना और खरपतवार नियंत्रण रखना मददगार है।

6. थ्रिप्स, माइट्स और सफेद मक्खी से बचाव

थ्रिप्स, माइट्स, एफिड और सफेद मक्खी मिर्च की फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। खेत में नियमित रूप से पत्तियों की निचली सतह और नई बढ़वार की जांच करें।

नीले और पीले sticky traps कीटों की निगरानी में उपयोगी हो सकते हैं। मिर्च में shoot और fruit borer की निगरानी के लिए marigold trap crop और pheromone traps जैसी IPM तकनीकों का इस्तेमाल भी किया जाता है।

7. दवा कब और कैसे डालें?

हर कीट या रोग में एक ही दवा काम नहीं करती। पहले समस्या की सही पहचान करें। यदि रासायनिक नियंत्रण जरूरी हो तो मिर्च फसल पर वर्तमान में पंजीकृत और लेबल-क्लेम वाले उत्पाद का ही उपयोग करें तथा लेबल पर दी मात्रा और waiting period का पालन करें।

ICAR ने मिर्च समेत प्रमुख फसलों के लिए insecticide और fungicide calculators भी विकसित किए हैं, जिनका उद्देश्य label-claim और अनुशंसित मात्रा के आधार पर दवाओं के विवेकपूर्ण इस्तेमाल में सहायता करना है।

कब करें हरी मिर्च की तुड़ाई?

जब फल बाजार की मांग के अनुसार पर्याप्त आकार और हरे रंग में पहुंच जाएं, तब तुड़ाई की जा सकती है। तुड़ाई के समय पौधे की शाखाओं को अनावश्यक रूप से न तोड़ें। खराब और सड़े फलों को अलग रखें। साफ-सफाई, grading और उचित पैकिंग से मंडी तक गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलती है।

किसान के लिए सबसे जरूरी बात

हरी मिर्च में ज्यादा दवा डालना ही बेहतर खेती नहीं है। स्वस्थ पौध + सही दूरी + संतुलित पोषण + उचित सिंचाई + नियमित खेत निरीक्षण + IPM अपनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। समस्या दिखने के बाद उपचार करने के बजाय शुरुआत से रोकथाम पर ध्यान देने से खेती की लागत और फसल नुकसान दोनों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

Subscribe Today

GET EXCLUSIVE FULL ACCESS TO PREMIUM CONTENT

SUPPORT NONPROFIT JOURNALISM

EXPERT ANALYSIS OF AND EMERGING TRENDS IN CHILD WELFARE AND JUVENILE JUSTICE

TOPICAL VIDEO WEBINARS

Get unlimited access to our EXCLUSIVE Content and our archive of subscriber stories.

Exclusive content

- Advertisement -Newspaper WordPress Theme

Latest article

More article

- Advertisement -Newspaper WordPress Theme