टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूलगोभी और पत्तागोभी जैसी कई सब्जियों की खेती में स्वस्थ पौध तैयार करना शुरुआती सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। अच्छी नर्सरी से खेत में एक जैसी और मजबूत पौध लगाने में मदद मिल सकती है। इसलिए किसान को बीज खरीदने से लेकर रोपाई तक हर चरण पर सावधानी रखनी चाहिए।
नर्सरी के लिए जगह कैसे चुनें?
नर्सरी ऐसी जगह बनाएं जहां पर्याप्त रोशनी मिले, सिंचाई की सुविधा हो और बारिश या सिंचाई का पानी लंबे समय तक जमा न हो। पानी निकासी खराब होने पर पौध की जड़ों में समस्या और रोग का खतरा बढ़ सकता है।
बीज खरीदते समय इन बातों की जांच करें
किसान विश्वसनीय विक्रेता से बीज खरीदें। पैकेट पर फसल और किस्म का नाम, lot/batch विवरण, पैकिंग से जुड़ी जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण जरूर देखें। बीज खरीदने का बिल भी संभालकर रखें।
नर्सरी में इन बातों का रखें ध्यान
*जरूरत के अनुसार उपयुक्त growing media या मिट्टी तैयार करें।
*बीजों की बुवाई बहुत ज्यादा घनी न करें।
*हल्की और नियमित सिंचाई रखें।
*नर्सरी में पानी जमा न होने दें।
*खरपतवार और रोगग्रस्त पौधों की नियमित निगरानी करें।
*किसी भी बीज उपचार या कृषि उत्पाद का प्रयोग लेबल और अधिकृत कृषि सलाह के अनुसार करें।
खेत में पौध कब लगाएं?
जब पौध पर्याप्त मजबूत हो जाए और मौसम व खेत की नमी अनुकूल हो, तब रोपाई की योजना बनाएं। कमजोर या रोगग्रस्त पौधों को खेत में लगाने से बचें। रोपाई के बाद शुरुआती दिनों में पौधों की नमी और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।
किसान के लिए जरूरी बात
अच्छा बीज + स्वस्थ पौध + सही सिंचाई + समय पर रोपाई सब्जी की खेती की मजबूत शुरुआत बन सकती है। स्थानीय फसल और मौसम के अनुसार कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेना भी उपयोगी रहेगा।



