उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और बुंदेलखंड में खेती की उत्पादकता बढ़ाने, किसानों को बाजार से जोड़ने और जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने के लिए UP-AGREES परियोजना चलाई जा रही है। विश्व बैंक समर्थित इस परियोजना का उद्देश्य कृषि और मत्स्यपालन से जुड़े उत्पादकों तथा ग्रामीण उद्यमों को मजबूत करना है।
क्या है UP-AGREES परियोजना?
UP-AGREES का पूरा नाम Uttar Pradesh Agriculture Growth and Rural Enterprise Ecosystem Strengthening है। विश्व बैंक ने दिसंबर 2024 में इस परियोजना के लिए 325.10 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता मंजूर की थी। राज्य की आधिकारिक परियोजना वेबसाइट के अनुसार, इसका अनुमानित बजट लगभग 4,000 करोड़ रुपये और अवधि करीब छह वर्ष है।
परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश के 21 और बुंदेलखंड के 7 जिलों सहित कुल 28 जिलों में लागू की जा रही है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, 123 विकासखंडों और 3,690 कम उत्पादकता वाले गांवों को लक्षित गतिविधियों के लिए चिह्नित किया गया है।
किसानों को कैसे मिल सकता है लाभ?
परियोजना में बेहतर बीजों की उपलब्धता, धान और गेहूं जैसी प्रमुख फसलों की उत्पादकता, जलवायु-अनुकूल खेती, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और बाजार संपर्क को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। धान की सीधी बुवाई, फसल अवशेषों के बेहतर उपयोग और उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल जैसी गतिविधियां भी इसके उद्देश्यों से जुड़ी हैं।
कृषि वित्त, डिजिटल सेवाओं, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और कृषि आधारित उद्यमों को मजबूत करना भी परियोजना का हिस्सा है। इससे किसानों को उत्पादन के साथ बाजार और मूल्य संवर्धन के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
किसान क्या करें?
किसान अपने जिले के कृषि विभाग या UP-AGREES के आधिकारिक पोर्टल से स्थानीय गतिविधियों, प्रशिक्षण और पात्रता की जानकारी लें। परियोजना में शामिल सभी किसानों को सीधे नकद सहायता या निश्चित अनुदान मिलना जरूरी नहीं है।
निष्कर्ष: UP-AGREES पूर्वांचल और बुंदेलखंड में खेती को अधिक उत्पादक, जलवायु-अनुकूल और बाजार से जुड़ा बनाने की पहल है। किसानों को लाभ उनकी स्थानीय गतिविधियों और संबंधित नियमों के अनुसार मिलेगा।



