लखनऊ स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) में कृषि और खाद्य उत्पादों को सुखाने की प्रक्रिया बेहतर बनाने के लिए सोलर ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक पर शोध चल रहा है। इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा की मदद से सुखाने की प्रक्रिया को अधिक नियंत्रित बनाना और मौसम पर निर्भरता की समस्या को कम करने की संभावनाएं तलाशना है।
क्या है सोलर-AI ड्राइंग तकनीक?
IET की आधिकारिक परियोजना सूची के अनुसार, इस शोध का नाम Artificial Intelligence-Based Solar Drying Solution Enhanced with Nanofluid and Thermal Energy Storage Integration for Agricultural and Food Products है। परियोजना वर्ष 2024 में शुरू हुई थी और इसके प्रमुख शोधकर्ता प्रो. अरुण कुमार तिवारी हैं। इसे उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद से वित्तीय सहायता मिल रही है।
इस शोध में सौर ऊर्जा के साथ AI आधारित नियंत्रण, नैनोफ्लुइड और तापीय ऊर्जा भंडारण को जोड़ने पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सुखाने के दौरान तापमान और गर्मी के प्रबंधन को बेहतर बनाना है। बादल या कम धूप के समय संचित गर्मी का उपयोग करने की संभावना भी इस तकनीक का हिस्सा है।
किसानों को क्या लाभ हो सकता है?
फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पादों को उचित तरीके से सुखाकर प्रसंस्कृत उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। नियंत्रित सुखाने से उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने और कटाई के बाद होने वाली बर्बादी कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस विशेष परियोजना की वास्तविक क्षमता और लाभ परीक्षण के परिणामों पर निर्भर करेंगे।
किसान अभी क्या करें?
किसान इस तकनीक को फिलहाल जारी शोध के रूप में समझें। इसे खरीदने या निवेश करने से पहले संस्थान से परीक्षण रिपोर्ट, मशीन की उपलब्धता, क्षमता और अनुमानित लागत की पुष्टि करें। किसी निश्चित आय, लागत बचत या उपज लाभ का दावा अभी प्रमाणित नहीं माना जाना चाहिए।



