देश में मत्स्य क्षेत्र को अब केवल मछली उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, पैकेजिंग और सीधे बाजार तक पहुंच से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मत्स्यपालन विभाग की 30 अक्टूबर 2026 की सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, AI, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ड्रोन, ब्लॉकचेन और स्मार्ट कोल्ड-चेन तकनीकों का उपयोग मत्स्य उत्पादन, गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।
मत्स्य क्षेत्र में कितना निवेश और कितनी सुविधाएं?
सरकार के अनुसार, वर्ष 2015 से विभिन्न मत्स्य योजनाओं के तहत ₹39,272 करोड़ की प्रतिबद्धता की गई है। परिवहन, खुदरा और थोक बाजार, आइस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज और मूल्य संवर्धन से जुड़ी 46,500 सुविधाएं ₹3,393.85 करोड़ के निवेश से जोड़ी गई हैं। इसके अलावा पांच आधुनिक स्मार्ट मछली बाजार विकसित किए जा रहे हैं, जिनसे 15,900 रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सरकारी विज्ञप्ति में 2,195 मत्स्य किसान उत्पादक संगठनों (FFPO) को समर्थन देने और PM-MKSSY के तहत 5,500 मत्स्य सहकारी समितियों को मजबूत करने की पहल का भी उल्लेख है।
तालाब से बाजार तक मछली कैसे बेचें?
मछली पालक स्थानीय दुकानदारों, होटल, रेस्टोरेंट और उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर सकते हैं। मोबाइल बिक्री वाहन, फोन या डिजिटल माध्यम से ऑर्डर लेना और समूह के रूप में बाजार तक मछली पहुंचाना उपयोगी विकल्प हो सकते हैं।
कटाई के बाद मछली को जल्द साफ बर्फ में रखें। FSSAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ताजा या ठंडी मछली के भंडारण में 0 से 4 डिग्री सेल्सियस तापमान बनाए रखना चाहिए। साफ खाद्य-ग्रेड पैकिंग और स्वच्छ परिवहन भी जरूरी हैं।
प्रोसेसिंग से बढ़ सकते हैं कारोबार के विकल्प
मछली की सफाई, कटाई, पैकेजिंग, सुखाने, अचार और अन्य मूल्य संवर्धित उत्पादों से अतिरिक्त कारोबार के अवसर बन सकते हैं। हालांकि, प्रसंस्करण और बिक्री करने वालों को लागू FSSAI पंजीकरण, लाइसेंस और स्वच्छता नियमों का पालन करना होगा।
किसानों के लिए जरूरी है कि उत्पादन बढ़ाने के साथ खरीदार, बर्फ, परिवहन और भंडारण की व्यवस्था पहले से तय करें।



