बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात ‘अर्नब’ अब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है। हालांकि इसके अवशेष से बने मौसम तंत्र के कारण पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 30 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, यह कम दबाव का क्षेत्र उत्तर छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर था।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बिहार में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर तक छिटपुट बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 30-31 अक्टूबर और 2-3 नवंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। ओडिशा में 31 अक्टूबर और 2-5 नवंबर के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है। 2 नवंबर को ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
किसानों के लिए धान की फसल बचाने की सलाह
बारिश से कटी धान की फसल भीगने पर दाने की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। किसानों को कटी उपज सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखनी चाहिए। खेत या खलिहान में रखे धान को तिरपाल से ढकें और पानी जमा न होने दें। उत्तर प्रदेश में खड़ी फसलों, बासमती धान, गन्ने और सब्जियों के खेतों में जल निकासी बनाए रखें। बिहार में जहां संभव हो, पक चुकी कम अवधि वाली धान की फसल की कटाई करें।
आलू की बुवाई में जल्दबाजी न करें
बारिश के बाद खेत में पानी भरा हो तो जुताई और आलू की बुवाई टाल दें। मिट्टी से अतिरिक्त नमी निकलने और खेत के काम करने योग्य होने पर ही तैयारी करें। जल निकासी वाली जमीन और स्वस्थ बीज कंद का चयन करें।
किसान अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान देखकर ही कृषि कार्य तय करें।



