उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। इससे खेतों में खड़ी फसलों और कटाई के बाद खुले में रखे कृषि उत्पादों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
पूर्वी और पश्चिमी यूपी में आज कैसा रहेगा मौसम?
मौसम केंद्र लखनऊ के 30 अक्टूबर के उपखंडवार पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
IMD की 29 अक्टूबर की प्रेस विज्ञप्ति में पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई गई थी। वहीं, 29 और 30 अक्टूबर के दौरान दोनों क्षेत्रों में तेज हवाएं 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने और झोंकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान दिया गया था।
चक्रवात अर्नब का यूपी पर क्या असर है?
IMD के अनुसार, चक्रवात अर्नब कमजोर होकर 29 अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर डिप्रेशन में बदल गया था। उत्तर प्रदेश में बारिश और मौसम परिवर्तन के लिए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रदेश की बारिश को केवल चक्रवात का सीधा असर बताना उचित नहीं होगा।
किसानों के लिए जरूरी फसल सुरक्षा सलाह
कटी हुई धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खुले अनाज को तिरपाल से ढकें।
खेतों में जलभराव रोकने के लिए जरूरत के अनुसार निकासी की व्यवस्था करें।
तेज हवा और बारिश के दौरान कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव टालें।
सब्जियों और बागवानी फसलों में जलभराव तथा पौधों के गिरने की स्थिति पर नजर रखें।
बिजली चमकने और तेज हवा के दौरान खेतों में काम करने से बचें।
किसान अपने जिले की ताजा चेतावनी IMD पोर्टल पर जांचें। मौसम सामान्य होने के बाद ही फसल की स्थिति देखकर आगे के कृषि कार्य करें।



