हरियाणा सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों के लिए अगले दो पेराई सत्रों के गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 29 अक्टूबर को बताया कि पेराई सत्र 2026-27 में गन्ने का राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) ₹430 प्रति क्विंटल रहेगा। वहीं, 2027-28 में इसे बढ़ाकर ₹450 प्रति क्विंटल किया जाएगा। इस तरह दो वर्षों में कुल ₹35 प्रति क्विंटल की वृद्धि होगी।
कब कितना मिलेगा गन्ने का भाव?
सरकार की घोषणा के अनुसार, 2025-26 में गन्ने का भाव ₹415 प्रति क्विंटल था। इसे 2026-27 के लिए ₹15 बढ़ाकर ₹430 किया गया है। इसके बाद 2027-28 में ₹20 की अतिरिक्त वृद्धि के साथ भाव ₹450 प्रति क्विंटल हो जाएगा।
किसानों की आमदनी पर कितना असर पड़ेगा?
मुख्यमंत्री के अनुसार, हरियाणा में गन्ने की औसत पैदावार लगभग 700 से 800 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहती है। यह करीब 283 से 324 क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर है। इस आधार पर 2026-27 में पिछली दर की तुलना में किसानों को लगभग ₹4,245 से ₹4,860 प्रति एकड़ अतिरिक्त मिल सकते हैं। वहीं, 2027-28 में 2025-26 की दर के मुकाबले यह अतिरिक्त राशि लगभग ₹9,905 से ₹11,340 प्रति एकड़ हो सकती है। वास्तविक लाभ उत्पादन और बिक्री पर निर्भर करेगा।
किसान संगठनों ने क्या कहा?
गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी के बावजूद कुछ किसान संगठनों ने इसे अपर्याप्त बताया है। भारतीय किसान यूनियन (चरुनी) से जुड़े प्रतिनिधियों ने ₹600 प्रति क्विंटल SAP की मांग उठाई है। किसान संगठनों का कहना है कि खाद, डीजल, मजदूरी और अन्य कृषि लागत बढ़ने के कारण अधिक मूल्य की जरूरत है।
यूपी के किसानों के लिए क्या है इसका मतलब?
हरियाणा का यह मूल्य उत्तर प्रदेश में स्वतः लागू नहीं होगा। उत्तर प्रदेश सरकार अपने राज्य के लिए अलग SAP घोषित करती है। इसलिए यूपी के किसानों को अपने राज्य की गन्ना मूल्य संबंधी आधिकारिक घोषणा पर ध्यान देना चाहिए।
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