मोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से किसान फसल में दिखाई देने वाले रोग या कीट के लक्षणों की शुरुआती पहचान कर सकते हैं। कुछ कृषि ऐप प्रभावित पत्तियों या पौधों की तस्वीर का विश्लेषण करके संभावित समस्या और उसके प्रबंधन से जुड़ी जानकारी देते हैं। हालांकि, फोटो से मिला परिणाम बीमारी की अंतिम पुष्टि नहीं है।
AI से फसल की पहचान कैसे होती है?
AI आधारित ऐप तस्वीर में दिखाई देने वाले धब्बों, पत्तियों के पीलेपन और अन्य लक्षणों का विश्लेषण करते हैं। ICAR-IASRI का AI-DISC ऐप फसल रोगों और कीटों की तस्वीर-आधारित पहचान के लिए विकसित किया गया है। वहीं, कृषि मंत्रालय का राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (NPSS) तस्वीरों के आधार पर कीट पहचान और फसल सुरक्षा संबंधी सलाह देने में मदद करता है।
क्या मोबाइल से मिली पहचान हमेशा सही होती है?
नहीं। एक जैसे लक्षण अलग-अलग कारणों से दिखाई दे सकते हैं। पत्तियों का पीला पड़ना पोषक तत्वों की कमी, पानी की समस्या, कीट या रोग से जुड़ा हो सकता है। धुंधली तस्वीर, खराब रोशनी और ऐप की पहचान क्षमता भी नतीजे को प्रभावित कर सकती है। इसलिए AI के सुझाव को शुरुआती संकेत मानें।
किसान फोटो लेते समय क्या करें?
*प्रभावित पत्ती और पूरे पौधे की स्पष्ट तस्वीर लें।
*संभव हो तो खेत में कई प्रभावित पौधों की तस्वीरें लें।
*फसल का नाम, बुवाई का समय और लक्षण शुरू होने की जानकारी दर्ज करें।
*ऐप की सलाह को स्थानीय खेत की स्थिति से मिलाकर देखें।
*दवा छिड़कने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें
केवल ऐप के नतीजे के आधार पर कीटनाशक या फफूंदनाशक का छिड़काव न करें। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), कृषि विभाग या पौध रोग विशेषज्ञ से समस्या की पुष्टि कराएं। दवा जरूरी हो तो फसल और संबंधित समस्या के लिए पंजीकृत उत्पाद चुनें और लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें।
निष्कर्ष: मोबाइल फोटो और AI फसल की समस्या जल्दी समझने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन सही उपचार के लिए खेत की स्थिति और विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।



