किसानों की सिंचाई व्यवस्था को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार PM-KUSUM योजना के अगले चरण पर काम कर रही है। 19 अक्टूबर 2026 की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित PM-KUSUM 2.0 में सौर पंपों का इस्तेमाल करने वाले किसानों को आधुनिक सिंचाई पद्धतियाँ अपनाने और अधिक लाभकारी फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने पर विचार किया जा रहा है।
PM-KUSUM 2.0 में क्या बदलाव हो सकते हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और कृषि मंत्रालय मौजूदा कृषि योजनाओं के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर चर्चा कर रहे हैं। इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा, सिंचाई और खेती से जुड़े उपायों को एक साथ आगे बढ़ाना है।
इससे पहले 10 मार्च 2026 को सरकार ने PM-KUSUM 2.0 की तैयारी और इसमें 10 गीगावाट क्षमता वाला समर्पित एग्री-PV घटक शामिल करने की जानकारी दी थी। एग्री-PV व्यवस्था में एक ही जमीन पर सौर पैनलों से बिजली उत्पादन और खेती करने की संभावना रहती है।
हालाँकि, नए चरण की अंतिम मंजूरी, पात्रता, सब्सिडी और आवेदन प्रक्रिया की शर्तों को लेकर किसानों को आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार करना चाहिए।
किसानों को अभी क्या करना चाहिए?
किसान मौजूदा योजना के तहत अपने राज्य में उपलब्ध घटकों, आवेदन की स्थिति और सहायता की जानकारी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा राज्य की अधिकृत एजेंसी से जाँचें। सोलर पंप लगवाने से पहले खेत की सिंचाई जरूरत, पानी की उपलब्धता, स्थापना लागत और रखरखाव का आकलन करें।
किसी एजेंट के कहने पर नई योजना की मंजूरी या सब्सिडी मिलने का दावा मानकर भुगतान न करें। आवेदन और भुगतान की पुष्टि अधिकृत सरकारी माध्यम से ही करें।
ध्यान दें: PM-KUSUM 2.0 के प्रस्तावित प्रावधानों को अंतिम नियम या चालू आवेदन प्रक्रिया न समझें।
स्रोत: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), PIB तथा 19 अक्टूबर 2026 की मीडिया रिपोर्ट।



