मिजोरम के आइजोल के श्री शुयाया राल्ते, जो 2017 से जैविक खेती को अपनाने वाले एक किसान हैं, ने प्रधानमंत्री जी को अदरक, मिजो मिर्च तथा अन्य सब्जियों के उत्पादन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह अपनी उपज को नई दिल्ली तक की विभिन्न कंपनियों को बेचने में समर्थ हैं। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह 20,000 रुपये से बढ़कर 1,50,000 रुपये हो गई है।
प्रधानमंत्री जी द्वारा बाजार में अपनी उपज बेचने के बारे में पूछे जाने पर, श्री राल्ते ने कहा कि उत्तर पूर्वी क्षेत्र में मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट के तहत एक बाजार बनाया गया है जहां किसान बिना किसी बाधा के अपनी उपज बेच सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि देश में कई किसान जैविक खेती को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और श्री राल्ते जैसे उत्तर पूर्व के दूर-दराज के इलाकों के किसान इसके लिए मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। श्री मोदी ने इस तथ्य को रेखांकित किया कि जैविक खेती आम लोगों और भूमि, दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री जी ने बताया कि पिछले नौ वर्षों के दौरान रसायन-मुक्त उपज का बाजार सात गुना से अधिक बढ़ गया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य भी बेहतर हुआ है। उन्होंने जैविक खेती करने वाले किसानों का धन्यवाद किया और अन्य लोगों से भी खेती की इस विधि को अपनाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री जी ने नई पद्धतियां अपनाने के लिए आंध्र प्रदेश के सहकारी समूह की सराहना की
102 साल पुराने सहकारी समूह के सदस्य आंध्र प्रदेश में नंदयाला के सईद ख्वाजा मुइहुद्दीन ने प्रधानमंत्री मोदी जी को बताया कि वर्तमान सरकार की पहल के बाद ही नाबार्ड ने समूह को कृषि बुनियादी ढांचा योजना के तहत भंडारण के लिए तीन करोड़ रुपये का ऋण दिया। इससे समूह को पांच गोदाम बनाने में मदद मिली। इनमें जो किसान अपना अनाज रखते हैं उन्हें इलेक्ट्रॉनिक गोदाम रसीदें मिलती हैं जिससे उन्हें बैंकों से कम ब्याज पर ऋण प्राप्त करने में मदद मिलती है। बहुउद्देश्यीय सुविधा केंद्र किसानों को ई-मंडियों और ई-नाम से जोड़ता है और किसानों को उनकी उपज के लिए सर्वाेत्तम मूल्य सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि इससे बिचौलियों का पूरी तरह खात्मा हो जाता है। उनके समूह में महिला किसानों और छोटे व्यापारियों सहित 5600 किसान शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी जी ने 100 वर्षों से अधिक समय तक समूह चलाने के लिए स्थानीय किसानों की भावना को सलाम किया। प्रधानमंत्री जी को बताया गया कि स्थानीय किसानों को सहकारी बैंकों के जरिये कृषि अवसंरचना निधि के बारे में पता चला और रजिस्ट्रार तथा भंडारण सुविधा से छोटे किसानों को सर्वाेत्तम संभव कीमत पर अपनी उपज रखने में मदद मिली।
इस उद्यमी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों की पहल से वास्तव में उनके कामकाज में बदलाव आया है क्योंकि वह एक किसान समृद्धि केंद्र भी चला रहे हैं। यही नहीं, वह किसान क्रेडिट कार्ड और एफपीओ के माध्यम से मूल्यवर्धन जैसी सरकार द्वारा शुरू की गईं कई सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।
प्राकृतिक खेती के चलन पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री जी ने किसानों से उर्वरकों के उपयोग को नियंत्रित करने को कहा क्योंकि कई लोग यूरिया के साथ नैनो यूरिया का भी उपयोग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी को बताया गया कि किसानों के बीच लगातार जागरूकता पैदा की जा रही है और उर्वरकों के उपयोग को तर्कसंगत बनाने के लिए मिट्टी का परीक्षण भी किया जा रहा है और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “मैं देश के किसानों से आग्रह करता हूं कि वे यूरिया और नैनो यूरिया दोनों का उपयोग न करें, जहां भी उपलब्ध हो, नैनो का ही उपयोग करें।”
प्रधानमंत्री जी ने यह भी कहा, ‘जब सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ काम करती है तो योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। इसके बाद भी यदि कोई छूट जाता है तो ‘मोदी की गारंटी की गाड़ी’ उस तक लाभ पहुंचा देगी।’
उन्होंने कहा कि सरकार पैक्स को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और 2 लाख भंडारण इकाइयां बनाने की योजना है।
केंद्रीय मंत्रियों ने विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में भाग लिया
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने नई दिल्ली के नेहरू नगर में विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और सांसद एवं पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, सांसद श्री गौतम गंभीर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लोगों ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की शपथ ली।
प्रधानमंत्री मोदी जी ने लाभार्थियों से उनके अनुभव के बारे में जाना और उन्हें केंद्र सरकार की योजनाओं से किस तरह लाभ मिला है। इस कार्यक्रम में आजदेश भर से विकसित भारत संकल्प यात्रा के हजारों लाभार्थी शामिल हुए। दिल्ली में इस अभियान का शुभारंभ 28 नवंबर को शहरी आईईसी वैन को हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अभियान के हिस्से के रूप में, विशेष रूप से डिजाइन की गई आईईसी (सूचना,शिक्षा और संचार) वैन दिल्ली के 11 जिलों में यात्रा कर रही हैं। इस अभियान के तहत अब तक दिल्ली में लगभग 450 स्थानों को कवर किया गया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा झारखंड के खूंटी जिले में15 नवंबर, 2023 को विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ किया गया। यह यात्रा देश की सभी ग्राम पंचायतों तक जागरूकता बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं के लाभों के वितरण को पहुंचने का अब तक का सबसे बड़ा प्रयास है। कई सरकारी योजनाएं इस पहल का अभिन्न हिस्सा हैं, जिनमें आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएम आवास योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, पीएम विश्वकर्मा, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, जल जीवन मिशन और जन धन योजना शामिल हैं।
विकसित भारत संकल्प यात्रा लक्षित लाभार्थियों तक योजनाओं की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। विकसित भारत संकल्प यात्रा ने अपने लॉन्च के बाद से केवल 50 दिनों की छोटी सी अवधि में 11 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच कर एक उपलब्धि हासिल की है। विकसित भारत संकल्प यात्रा की आईईसी वैन गांव-गांव में मोदीजी की गारंटी का माध्यम बन रही है, जो लोग आज भी वंचित हैं, उन्हें बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।



